Mumbai Digital Arrest Scam Case; CJI DY Chandrachud | CBI Probe Fraud | पूर्व CJI चंद्रचूड़ के नाम पर डिजिटल अरेस्ट: मुंबई में बुजुर्ग महिला से 3.71 करोड़ ठगे, सूरत से एक आरोपी गिरफ्तार

Mumbai Digital Arrest Scam Case; CJI DY Chandrachud | CBI Probe Fraud | पूर्व CJI चंद्रचूड़ के नाम पर डिजिटल अरेस्ट: मुंबई में बुजुर्ग महिला से 3.71 करोड़ ठगे, सूरत से एक आरोपी गिरफ्तार


मुंबई/सूरत1 घंटे पहले

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महिला से अगस्त से अक्टूबर के बीच पैसे ठगे गए। – फोटो AI जनरेटेड

मुंबई में 68 साल की एक महिला से 3.71 करोड़ की ठगी हो गई। आरोपियों ने खुद को मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन के साथ-साथ केंद्रीय एजेंसियों का कर्मचारी बताया था। इन लोगों ने नकली ऑनलाइन कोर्ट सुनवाई भी की, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को पूर्व CJI चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ बताया था।

इस मामले में साइबर पुलिस ने एक आरोपी को सूरत से पकड़ा है। आरोपी के खाते में 1.71 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए थे। उसने यह खाता फर्जी कपड़ा कंपनी के नाम पर खुलवाया था। इसके बदले उसे 6.40 लाख रुपए कमीशन मिला।

साइबर ठगों ने 2 महीने तक धोखे में रखा

महिला मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रहती है। महिला पर धोखेबाज लगातार नजर रख रहे थे। 18 अगस्त को महिला को एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को कोलाबा पुलिस स्टेशन का अफसर बताया। साथ ही कहा कि उसके बैंक खाते का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हो रहा है। फिर धमकाया कि किसी को कुछ बताया तो कार्रवाई होगी। इसके बाद महिला से बैंक डिटेल्स मांगी गईं। कहा गया कि अब सीबीआई जांच करेगी।

आरोपी ने महिला से उसके जीवन पर दो से तीन पेज का निबंध भी लिखवाया। फिर महिला से कहा कि उसे उसकी बेगुनाही पर यकीन हो गया है और वह यह सुनिश्चित करेगा कि उसे जमानत मिल जाए।

महिला से मांगे इन्वेस्टमेंट से जुड़े दस्तावेज

एक आरोपी ने अपना नाम एसके जायसवाल बताया। उसने वीडियो कॉल पर महिला को एक व्यक्ति से मिलवाया, जिसने खुद को सुप्रीम कोर्ट का जस्टिस चंद्रचूड़ बताया। उसने महिला से निवेश से जुड़े दस्तावेज मांगे। महिला ने दो महीने में करीब पौने चार करोड़ रुपए खातों में ट्रांसफर कर दिए। कॉल न आने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ।

इसके बाद महिला ने वेस्ट रीजन साइबर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। फिर मामला दर्ज हुआ। जांच में पता चला कि उसका पैसा कई म्यूल खातों में ट्रांसफर किया गया था, जिनमें से एक का पता गुजरात के सूरत में चला।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने इस रैकेट के दो मास्टरमाइंड के बारे में जानकारी दी, जो अभी विदेश में हैं। उनमें से एक का इमिग्रेशन और वीजा सर्विस का बिजनेस है।

खबर से जुड़े 2 नॉलेज फैक्ट

  • म्यूल अकाउंट: म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है जिसका इस्तेमाल अपराधी किसी व्यक्ति की जानकारी के साथ या उसके बिना अवैध रूप से धन प्राप्त करने, ट्रांसफर करने या लॉन्ड्रिंग करने के लिए करते हैं।
  • DSPE एक्ट: 1 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने CBI डिजिटल अरेस्ट केस में पूरे भारत में एक साथ जांच करने को कहा था। कोर्ट ने सभी राज्यों से दिल्ली स्पेशल पुलिस एस्टैब्लिशमेंट (DSPE) एक्ट के तहत CBI को जांच करने के लिए सहमति देने को भी कहा है।

कौन हैं जस्टिस चंद्रचूड़, जिनके नाम पर ठगी हुई

पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ भारत के 50वें चीफ जस्टिस के रूप में दो साल तक पद पर रहे। जस्टिस चंद्रचूड़ 13 मई 2016 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किए गए थे। अपने कार्यकाल में CJI चंद्रचूड़ 1274 बेंचों का हिस्सा रहे। उन्होंने कुल 612 फैसले लिखे। वे 10 नवंबर 2024 में रिटायर हुए। वर्तमान में वे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) दिल्ली में प्रोफेसर के रूप में काम कर रहे हैं।

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2 साल में 3 गुना बढ़े डिजिटल अरेस्ट केस:1 साल में 2000 करोड़ की ठगी, कैसे बचें- जानकारी और बचाव के 10 कदम

देश में डिजिटल अरेस्ट स्कैम और इससे जुड़े साइबर अपराधों में 2022 से 2024 के बीच तेज बढ़ोतरी हुई है। राज्यसभा में सरकार ने बताया कि 2022 में डिजिटल अरेस्ट के 39,925 मामले दर्ज हुए थे और ठगी की कुल राशि 91.14 करोड़ रुपए थी।

वहीं, 2024 में ये मामले लगभग तीन गुना बढ़कर 1,23,672 हो गए। ठगी की राशि 21 गुना बढ़कर 19,35.51 करोड़ रुपए पहुंच गई। डिजिटल अरेस्ट से कैसे बच सकते हैं, पढ़ें पूरी खबर…

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