Murshidabad-Malda 19 Lakh Documents Pending; BJP Calls It Action Against Infiltrators

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कोलकाता3 घंटे पहले

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद शनिवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट के मुताबिक, राज्य के करीब 60.06 लाख वोटर्स के दस्तावेज अभी भी जांच के घेरे में हैं।

इनमें सबसे बड़ी संख्या मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती जिलों की है। आयोग ने राज्य की मतदाता सूची से कुल 63.66 लाख नाम हटा दिए हैं।

बंगाल के कुल वोटर्स की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। वहीं भाजपा ने इसे ‘घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक जंग’ करार दिया है।

मुर्शिदाबाद और मालदा पेडिंग केसेस में टॉप पर

चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 11.01 लाख वोटर्स ऐसे हैं जिनकी स्क्रूटनी अभी पेंडिंग है। इसके ठीक बाद मालदा का नंबर आता है, जहां 8.28 लाख वोटर्स के दस्तावेजों की न्यायिक अधिकारियों द्वारा जांच की जानी बाकी है।

2011 की जनगणना के अनुसार मुर्शिदाबाद में 66% और मालदा में 51% मुस्लिम आबादी है और ये दोनों ही जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए हैं।

बॉर्डर वाले जिलों में सबसे ज्यादा ‘संदिग्ध’

उत्तर 24 परगना (5.91 लाख), दक्षिण 24 परगना (5.22 लाख) और उत्तर दिनाजपुर (4.80 लाख) जैसे सीमावर्ती जिलों में भी पेंडिंग मामलों की संख्या काफी अधिक है।

इसके उलट, राज्य के पहाड़ी और आदिवासी बहुल इलाकों जैसे कालिम्पोंग (6,790) और झाड़ग्राम (6,682) में ऐसे वोटर्स की संख्या सबसे कम पाई गई है।

इन 60 लाख वोटर्स का क्या होगा?

चुनाव आयोग के अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन वोटर्स का नाम ‘अंडर एडजूडिकेशन’ में रखा गया है, उन्हें फिलहाल लिस्ट से बाहर नहीं किया गया है।

न्यायिक अधिकारी इन दस्तावेजों की गहन जांच करेंगे और पूरी जांच के बाद ही सुधार या नाम हटाने की प्रक्रिया होगी।

आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम न कटे। इसके लिए आने वाले समय में सप्लीमेंट्री लिस्ट भी जारी की जा सकती है।

भाजपा बोली- वोटर लिस्ट से घुसपैठिए साफ

वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने दावा किया कि वोटर लिस्ट से हटाए गए 50 लाख से ज्यादा लोग ‘घुसपैठिए’ थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घुसपैठियों के फर्जी कागज बनवाकर उन्हें अपना वोट बैंक बनाया और कानूनी सुरक्षा दी।

नवीन ने कहा कि ये घुसपैठिए भारतीयों के हक की सरकारी नौकरियों और योजनाओं का फायदा उठा रहे थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अब इन लोगों को बंगाल से बाहर करने का समय आ गया है। पूरी खबर पढ़ें…

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पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे। पूरी खबर पढ़ें…

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