New Opportunities for 30-50 Age Group, Rich Nations Benefit Most
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नई दिल्ली38 मिनट पहले
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AI जनरेट तस्वीर।
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) अब सिर्फ तकनीक नहीं, यह दुनिया के कारोबार, नौकरियों और समाज को बुनियादी रूप से बदल रहा है।
बीसीजी-मोलोको की रिपोर्ट बताती है कि न्यूज, ट्रेवल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों के लिए एआई सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि चैटजीपीटी जैसे टूल्स अब सीधे ग्राहक और ब्रांड के बीच आ गए हैं।
ये टूल जो कंपनियां अपना डेटा और ग्राहक संबंध मजबूत नहीं करेंगी, वे पिछड़ जाएंगी। मूडीज की रिपोर्ट कहती है कि एआई से दुनिया की उत्पादकता यानी काम करने की क्षमता सालाना औसतन 1.5% बढ़ेगी।
हालांकि, इसमें चेतावनी भी है कि यह फायदा सबको बराबर नहीं मिलेगा। अमीर देश ज्यादा फायदे में रहेंगे। एआई की वजह से महिलाएं, युवा और कम पढ़े-लिखे लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।
- अमीर देशों में एआई से 30% जॉब बेहतर होंगी। 30% की जगह एआई ले लेगा। 40% पर अभी कम खतरा है। वहीं, विकासशील देशों में 16% जॉब बेहतर होंगी। 24% रिप्लेस होंगी। 60% पर कम खतरा।
- हर साल 5% से ज्यादा ऑटोमेशन न हो, वरना सालाना 10-20% जॉब जाएंगी। बेरोजगारी बढ़ेगी। सरकार पर बोझ बढ़ेगा, अशांति होगी।
महिला-युवा-बुजुर्ग पर असर?
इन्हें नुकसान संभव
- महिलाएं: क्लर्क, प्रशासनिक व टीचिंग के काम ज्यादा करती हैं, यही एआई सबसे पहले करेगा।
- नए ग्रेजुएट/युवा: एंट्री लेवल जॉब सबसे पहले खत्म होंगी। नई नौकरी पाना मुश्किल होगा। अमेरिका में ये ट्रेंड दिखने लगा।
- बुजुर्ग कर्मी (55+ साल): नई तकनीक सीखना मुश्किल। नौकरी चली गई तो दोबारा पाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा।
इन्हें होगा AI का फायदा
- अमीर लोग… इनकी आमदनी काम से ज्यादा निवेश से। एआई कंपनियों के लाभ से मुनाफा।
- 30-50 साल वाले… इनके पास अनुभव और स्किल्स दोनों हैं। एआई इनकी मदद करेगा, इनकी जगह नहीं ले पाएगा।
- ज्यादा पढ़े-लिखे… स्टेम, आईटी, इंजीनियरिंग वाले लोग। क्योंकि एआई उनका काम बेहतर बनाने में बहुत मदद करेगा।
सोर्स- ये नतीजे 3 रिपोर्ट पर आधारित हैं।
पहली- बीसीजी और मोलोको की, जिसे 5 देशों के 238 वरिष्ठ मार्केटिंग लीडर्स के सर्वे के आधार पर बनाया गया। इसमें 3200+ एप्स का डेटा और 200 अरब से ज्यादा डाउनलोड्स का विश्लेषण किया गया।
दूसरी और तीसरी- मूडीज की रिपोर्ट। इसमें 106 देशों का अध्ययन करके बताया गया कि एआई से दुनिया की अर्थव्यवस्था और नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा।
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सालों से लोगों के मन में यह डर था कि एआई और रोबोट उनकी नौकरियां छीन लेंगे। पर हाल में यह सोच बदल गई। अब एआई इंसानों को काम पर रख रहे हैं। एक नए ऑनलाइन मार्केटप्लेस रेंट-ए-ह्यूमन पर 5 लाख से भी ज्यादा लोग सेवाएं देने के लिए जुड़ चुके हैं। यहां मालिक एआई प्रोग्राम हैं। ये एआई बॉट्स उन कामों के लिए इंसानों को पैसे दे रहे हैं जो वे खुद नहीं कर सकते, जैसे- बाजार से सामान लाना, फोटो खींचना या किसी इवेंट में शामिल होना। पूरी खबर पढ़ें…

