Nitin Gadkari Update; Electronic Toll Collection | Lok Sabha | नितिन गडकरी बोले- एक साल में टोल बूथ खत्म होंगे: लोकसभा में कहा- बैरियर लेस सिस्टम लागू होगा; 10 जगह पायलट प्रोजेक्ट शुरू

Nitin Gadkari Update; Electronic Toll Collection | Lok Sabha | नितिन गडकरी बोले- एक साल में टोल बूथ खत्म होंगे: लोकसभा में कहा- बैरियर लेस सिस्टम लागू होगा; 10 जगह पायलट प्रोजेक्ट शुरू


नई दिल्ली40 मिनट पहले

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नए टोल सिस्टम को लेकर नितिन गडकरी ने लोकसभा में दी जानकारी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में गुरुवार को बताया कि अगले एक साल में हाइवे पर मौजूदा टोल वसूली सिस्टम खत्म हो जाएगा। उसकी जगह पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक, बैरियर-लेस टोल सिस्टम लागू किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नए सिस्टम की शुरुआत फिलहाल 10 जगह की जा चुकी है और इसे एक साल के भीतर पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य है।​ उन्होंने बताया कि इस समय देशभर में करीब 4,500 हाईवे प्रोजेक्ट चल रहे हैं, जिनकी कुल लागत लगभग 10 लाख करोड़ रुपये है।​

पहले टोल प्लाजा पर गाड़ियों को रुककर नकद या कार्ड से भुगतान करना पड़ता था, बाद में FASTag आया तो रुकने का समय घटा, अब अगला कदम बैरियर-लेस यानी बिना बैरियर वाले हाईटेक टोल की तरफ है।​

नया टोल सिस्टम क्या है? नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम बनाया है। ये पूरे देश के लिए एक जैसा और आपस में जुड़ा इलेक्ट्रॉनिक टोल प्लेटफॉर्म है। इसका मकसद अलग-अलग हाइवे पर अलग सिस्टम की परेशानी खत्म करना और एक ही तकनीक से आसानी से टोल वसूली करना है।​

इस NETC सिस्टम का मुख्य हिस्सा FASTag है, जो रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक वाला टैग होता है और गाड़ी के सामने वाले शीशे (विंडस्क्रीन) पर चिपकाया जाता है। जैसे ही गाड़ी टोल लेन से गुजरती है, सेंसर इस टैग को पढ़कर यूजर के लिंक्ड बैंक खाते या वॉलेट से टोल अपने आप काट लेते हैं।​

बैरियर-लेस टोलिंग कैसे काम करेगी? सरकार अब FASTag के साथ ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) जैसी तकनीक जोड़कर बैरियर-लेस टोलिंग लागू कर रही है, ताकि गाड़ियों को टोल के लिए रुकना ही न पड़े। ANPR कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट पहचानते हैं और FASTag रीडर RFID टैग पढ़कर टोल की रकम वसूल कर लेते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया कुछ सेकंड में अपने आप हो जाती है।​

इस सिस्टम के तहत टोल प्लाजा पर भारी बैरियर, लंबी कतारें और नकद देने की मजबूरी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। जिन वाहनों के पास वैध FASTag नहीं होगा या जो नियम तोड़ेंगे, उन्हें ई-नोटिस और जुर्माने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जैसे FASTag सस्पेंड करना या VAHAN डेटा पर पेनल्टी लगाना।​

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