One lakh e-bikes, more than 6000 cars, only 290 charging stations, need for 5000 | एक लाख ई-बाइक, 6000 से अधिक कारें, चार्जिंग स्टेशन सिर्फ 290, जरूरत 5000 की – Raipur News

One lakh e-bikes, more than 6000 cars, only 290 charging stations, need for 5000 | एक लाख ई-बाइक, 6000 से अधिक कारें, चार्जिंग स्टेशन सिर्फ 290, जरूरत 5000 की – Raipur News



छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब लोग सिर्फ ई-बाइक ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक कारों को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों में 2459 इलेक्ट्रिक और ईवी-बीओवी कारें पंजीकृत

.

हालांकि, वाहनों की संख्या के मुकाबले प्रदेश में ई-चार्जिंग स्टेशनों की उपलब्धता बेहद सीमित है। वर्तमान में करीब डेढ़ लाख से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए पूरे प्रदेश में सिर्फ 290 चार्जिंग स्टेशन हैं। मौजूदा जरूरतों को देखते हुए कम से कम 5000 चार्जिंग स्टेशन होने चाहिए।

राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2022 लागू की है। नीति का उद्देश्य एक ओर ई-वाहनों की बिक्री बढ़ाना है, वहीं दूसरी ओर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करना भी है। वाहन बिक्री के मामले में सरकार सफल रही है, लेकिन चार्जिंग नेटवर्क अभी अपेक्षा से काफी पीछे है।

रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में हर 40-50 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन जरूरी हैं। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए ई-वाहनों की मांग बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग सुविधाओं की कमी इस रफ्तार में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही है।

राज्य में पांच साल में 1500 गुना बढ़ीं कारें, ई-दुपहिया में 174 गुना वृद्धि

राज्य में 272 नए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे परिवहन विभाग ने छत्तीसगढ़ के ई-वाहन निर्माताओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उनसे ज्यादा से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन भी शुरू करने की अपील की गई। स्थानीय नगरीय निकायों को भी ई-वाहन निर्माता कंपनियों के साथ मिलकर शहरों में ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने कहा गया।

रायपुर नगर निगम ने करीब आधा दर्जन स्थानों पर स्टेशन खोले लेकिन पिछले दो साल में कोई नया चार्जिंग स्टेशन नहीं खुला। 290 में से आधे चार्जिंग स्टेशन रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में ही है। शेष 140 के आसपास प्रदेश के बाकी जिलों में है। परिवहन सचिव एस. प्रकाश ने कहा कि वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ चार्जिंग स्टेशन भी होना चाहिए। पीएम ड्राइव योजना से राज्य में 272 नए चार्जिंग स्टेशन बनेंगे।

छग ई-वाहन नीति का उद्देश्य

  • पेट्रोल और डीजल वाहनों की अपेक्षा इलेक्ट्रिक वाहन अपनाना।
  • शुद्ध वायु, कम संचालन लागत व ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना।
  • राज्य को इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन हब के रूप में विकसित करना।
  • चार्जिंग नेटवर्क और आत्मनिर्भर ईवी इकोसिस्टम तैयार करना।

ई-वाहनों पर सब्सिडी ईवी की खरीद पर 10 प्रतिशत तक सब्सिडी या 150000 तक (जो भी कम हो) की मदद दी जाती थी। हालांकि मई 2025 के संशोधन के बाद, यह अधिकतम सब्सिडी 100000 रुपए कर दी गई है। साथ ही 20 लाख से ऊपर के ई-वाहनों पर सब्सिडी भी खत्म कर दिया गया है।

पहले 2 वर्षों में 100 प्रतिशत रोड टैक्स छूट, उसके बाद अगले 2 वर्षों में 50 प्रतिशत और अंतिम वर्ष में 25 प्रतिशत छूट दिया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी नीति अवधि यानी 2026-27 तक छूट का प्रावधान है। पहले 300 फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने पर 25 प्रतिशत पूंजी सब्सिडी प्रति स्टेशन तक 10 लाख दी जाती है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!