One Nation One Election Report March; Voter Rights Unaffected

One Nation One Election Report March; Voter Rights Unaffected


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नई दिल्ली2 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व CJI जस्टिस बीआर गवई ने गुरुवार को वन नेशन, वन इलेक्शन (ONOE) पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक देश एक चुनाव से मतदाता अधिकार प्रभावित नहीं होंगे और संघीय ढांचे पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।

पूर्व CJI ने ये बात वन नेशन, वन इलेक्शन पर हुई जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की एक मीटिंग कही।

उन्होंने कहा कि ONOE चुनावों के तरीके को सिर्फ एक बार बदलता है, जो सिद्धांत का उल्लंघन नहीं करता है। चुनावों का स्ट्रक्चर और वोटर के अधिकार अनचेंज्ड रहते हैं। इसलिए, संशोधन संवैधानिक होगा।

सूत्रों ने कहा कि उन्होंने तर्क दिया कि संसद के पास चुनावों को एक साथ करने के लिए ऐसा संशोधन लागू करने की शक्ति है, जैसा कि संविधान द्वारा अनिवार्य है।

एक देश एक चुनाव को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) अंतिम निष्कर्ष के करीब है। कई मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया है कि वन नेशन, वन इलेक्शन पर JPC की रिपोर्ट मार्च के अंत तक आ सकती है।

गवई बोले- सरकार के पास बहुमत नहीं, तो पद छोड़ना होगा

सूत्रों का कहना है कि बैठक में यह मुद्दा उठा कि संविधान नागरिकों को 5 साल के पूरे कार्यकाल के लिए सरकार चुनने का अधिकार देता है। यदि सरकार बीच में गिर जाए और शेष अवधि के लिए चुनाव न हो तो क्या यह मतदाता अधिकारों को प्रभावित करेगा।

माना जा रहा है कि गवई ने समिति के सामने कहा कि संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 पूरी तरह संवैधानिक दायरे में है।

सूत्रों का कहना है कि एक सदस्य ने सरकार की जवाबदेही को लेकर प्रश्न उठाया। इस पर गवई ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव जैसे संवैधानिक साधन यथावत बने रहेंगे। यदि किसी सरकार के पास बहुमत नहीं रहेगा तो उसे पद छोड़ना होगा।

इससे पहले 4 सीजेआई ने ये कहा…

•जस्टिस यूयू ललित: प्रस्ताव मूल ढांचे के खिलाफ नहीं, पर आयोग की शक्तियों पर सावधानी जरूरी।

• जस्टिस रंजन गोगोई: विधेयक संवैधानिक रूप से मजबूत, लेकिन कुछ प्रावधानों में स्पष्टता चाहिए।

•जस्टिस जेएस खेहर: मूल संरचना सुरक्षित, पर आयोग को अतिरिक्त अधिकार देने पर राष्ट्रीय बहस हो।

•जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़: एक साथ चुनाव संभव, लेकिन आयोग की व्यापक शक्तियों की स्पष्ट कानूनी सीमा तय हो।



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