shilpa shetty raj kundra 60 crore fraud case | ₹60 करोड़ की कथित धोखाधड़ी मामले में राज-शिल्पा की सफाई: कपल ने कहा- आरोप बेबुनियाद हैं, मीडिया से संयम बरतने की अपील की
59 मिनट पहले
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60 करोड़ रुपए की कथित धोखाधड़ी के मामले के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा ने बयान जारी किया है। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण बताया है।
राज कुंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में कहा, “हम अपने खिलाफ फैलाए जा रहे बेबुनियाद और दुर्भावनापूर्ण आरोपों को पूरी तरह नकारते हैं। जिन बातों को उठाया जा रहा है, उन्हें बिना किसी कानूनी आधार के आपराधिक रंग दिया जा रहा है। हाई कोर्ट में क्वैशिंग पिटीशन दाखिल की जा चुकी है और उस पर सुनवाई बाकी है।”
बयान में आगे कहा गया कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और उन्हें भरोसा है कि न्याय होगा। साथ ही उन्होंने मीडिया से अपील की कि मामला अदालत में पेंडिंग है, इसलिए संयम बरता जाए।
शिल्पा शेट्टी ने भी यह बयान अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया।
बता दें कि इस मामले में 15 सितंबर 2025 को राज कुंद्रा आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के सामने पेश हुए थे। जहां उनसे करीब पांच घंटे तक पूछताछ हुई थी। वहीं, अक्टूबर 2025 में शिल्पा शेट्टी से चार घंटे से ज्यादा पूछताछ हुई थी।
साथ ही कपल के खिलाफ विदेश यात्रा रोकने के लिए लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया था। बॉम्बे हाई कोर्ट ने LOC पर रोक के लिए 60 करोड़ रुपए जमा करने या बैंक गारंटी देने का निर्देश दिया।
क्या है 60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला?
अगस्त 2025 में मुंबई के एक बिजनेसमैन दीपक कोठारी ने शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा पर 60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के आरोप में शिकायत दर्ज करवाई थी।
दीपक कोठारी के मुताबिक, उनकी मुलाकात 2015 में एजेंट राजेश आर्या के जरिए शिल्पा और कुंद्रा से हुई थी। उस समय दोनों बेस्ट डील टीवी के डायरेक्टर थे और शिल्पा के पास कंपनी के 87% से ज्यादा शेयर थे।
शिकायत के अनुसार, एक मीटिंग में तय हुआ कि शिल्पा और राज कुंद्रा की कंपनी को दीपक लोन देंगे। कंपनी के लिए 75 करोड़ रुपए का लोन मांगा था, जिस पर 12% सालाना ब्याज तय हुआ।
शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा के खिलाफ दर्ज मामले की FIR की कॉपी।
मामले में दीपक कोठारी का आरोप है कि बाद में शिल्पा और कुंद्रा ने उनसे कहा कि लोन पर टैक्स की परेशानी आ सकती है, इसलिए इसे इन्वेस्टमेंट के रूप में दिखाते हैं और हर महीने रिटर्न देंगे। अप्रैल 2015 में कोठारी ने करीब 31.95 करोड़ रुपए की पहली पेमेंट की। टैक्स से जुड़ी परेशानी जारी रहने पर सितंबर में दूसरी डील हुई और जुलाई 2015 से मार्च 2016 के बीच उन्होंने 28.54 करोड़ रुपए और ट्रांसफर किए।
कुल मिलाकर उन्होंने 60.48 करोड़ रुपए दिए, साथ ही 3.19 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी के रूप में चुकाए। कोठारी का दावा है कि अप्रैल 2016 में शिल्पा ने उन्हें पर्सनल गारंटी भी दी थी, लेकिन उसी साल सितंबर में उन्होंने कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया।
इसके बाद शिल्पा की कंपनी पर 1.28 करोड़ रुपए का कर्ज न चुकाने का मामला सामने आया। कोठारी को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कई बार अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन कोई जवाब और पैसे नहीं मिले।
पहले मामला जुहू पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत दर्ज हुआ। चूंकि रकम 10 करोड़ से ज्यादा थी, इसलिए जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई है। EOW इस केस की जांच कर रही है।

