Sirsa Jail Warden Suicide: DSP, LO Booked for Abetment, SC-ST Act Added | सिरसा जेल वार्डन सुसाइड केस, जांच के लिए भेजा नोट: DSP-LO को छुट्टी भेजने पर परिजनों का एतराज, बोले- गिरफ्तारी हो – Sirsa News
सिरसा जिला जेल के बाहर तैनात गार्ड, परिजन और इनसेट में सुखदेव सिंह का फोटो।
सिरसा जिला जेल के वार्डन सुखदेव सिंह के सुसाइड मामले में अब पुलिस ने डीएसपी एवं एलओ के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के साथ-साथ SC-ST एक्ट की धारा भी जोड़ दी है। अब इसकी जांच डीएसपी राज सिंह करेंगे। डीएसपी राज सिंह ने ही परिजनों को सख्त कार्रवाई का आश
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पोस्टमॉर्टम के दौरान पता चला है कि सुखदेव सिंह ने कीटनाशक पदार्थ निगला लिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और जहर का असर ज्यादा होने से मौत हो गई। पुलिस की ओर से बॉडी पार्टस के संदिग्ध विसरा जांच के लिए भेज जाएंगे।
अचानक कैसे छुट्टी भेज दिए
वहीं सुखदेव के परिजनों ने जेल प्रशासन द्वारा डीएसपी एवं एलओ को छुट्टी भेजे जाने पर एतराज जताया और आरोप लगाए कि अचानक कैसे छुट्टी पर भेज दिए, उस दिन वह दोनों वहीं पर थे। उन पर कोई कार्रवाई की मांग नहीं की। परिजनों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की। वहीं फतेहाबाद में पैतृक गांव हिजरावां खुर्द में पहुंचने पर मातम छा गया और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सभी ने उनकी मौत पर दुख जताया।
डीएसपी राज सिंह।
जिसने अपराध किया, उसे बख्शा नहीं जाएगा- डीएसपी
डीएसपी राज सिंह परिजनों से आश्वासन देते हुए बोले, मुझे किसी का डर नहीं लगता और न ही मैं किसी का दबाव मानता। बच्चों को अपने साथ रखता हूं। ज्यादा से ज्यादा यहां से दूसरी जगह ट्रांसफर होगा, मेरे पास केस आ गया है। इसकी सही से जांच कराएंगे। ऐसे केस में थोड़ा समय लगता है, क्योंकि हर चीज की बारीकी से जांच करनी पड़ती है, आप विश्वास रखिएगा। जिसने अपराध किया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
जांच के बाद जितने शामिल होंगे, उनको गिरफ्तार किया जाएगा।
जाते समय बेटे से बोले- मां-बच्चों का ध्यान रखना
सुखदेव सिंह मूल रूप से फतेहाबाद के हिजरावां खुर्द गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। दोनों बच्चे शादीशुदा हैं, उनकी सिरसा जेल में लगभग 7 साल से पोस्टिंग थी। जाते-जाते भी वह अपने पत्नी, बेटे व बच्चों को लेकर सोच में दिखे और उनकी फ्रिक व देखभाल की जिम्मेदारी बेटे जसपाल को सौंपी।
1 जनवरी को आत्महत्या करने से पहले, उन्होंने जेल महानिदेशक, हरियाणा कारागार विभाग, पंचकूला, और सिरसा डीसी एवं पुलिस सुपरिंटेंडेंट के नाम 2 सुसाइड नोट लिखे।
जानिए पूरा मामला
31 दिसंबर 2025 को भी वार्डन सुखदेव सिंह और DSP व सुपरिंटेंडेंट के बीच बहस हुई। इसके चलते जेल प्रशासन ने उसी दिन सुखदेव का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया। नए साल यानी एक जनवरी को सुपरिंटेंडेंट के आवास पर पार्टी रखी थी, इसमें सुखदेव को बुलाया था। परिजनों के अनुसार, सुखदेव ने अपनी गलती का एहसास कर सुपरिंटेंडेंट से माफी मांगी और पूरी गार्द के सामने माफ करने को कहा।
उन्होंने माफ करने को कहा, मगर DSP वरुण नहीं माने। पार्टी के बाद सभी ड्यूटी पर आ गए। मगर LO ने ड्यूटी जॉइन नहीं कराई। आरोप है कि दो घंटे तक खड़ा करके रखा। ये सुखदेव से सहन नहीं हुआ और वह जेल से बाहर आकर बाजार गए। जहरीला पदार्थ खरीदकर वापस जेल लौटे। शाम करीब 5 बजे जेल के मेन गेट के पास बने कमरे में जहर पी लिया। इसके बाद बेटे को फोन कर कहा कि मैं दोनों से तंग आ गया हूं, मैंने सुसाइड नोट बैग में रखा है।

