Sniper Deva, the mastermind of ASP Akash Giripunje’s murder, was killed in Dornapal. | तीन नक्सली ढेर: एएसपी आकाश गिरिपुंजे की हत्या का मास्टर माइंड स्नाइपर देवा मारा गया दोरनापाल – Sukma News
सुकमा जिले के भेज्जी-चिंतागुफा के बीच तुमालपाड़ के जंगल में हुई मुठभेड़ में तीन नक्सलियों को डीआरजी जवानों ने मार गिराया है। इनमें 5 लाख का एक ईनामी नक्सली माड़वी देवा भी शामिल है। वह कोंटा एरिया कमेटी मेंबर यानी एसीएम के साथ जनमिलिशिया कमांडर भी था। क
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उस पर कई निर्दोष ग्रामीणों की हत्या का भी आरोप है। लंबे समय से अंडरग्राउंड चल रहे इस दुर्दांत नक्सली की पुलिस को लंबे समय से तलाश थी। फोर्स को लगातार चकमा देकर वह अंडरग्राउंड था। बताते हैं कि जंगल में ऑपरेशन के दौरान फोर्स के जवानों पर सटीक निशाना लगाने के लिए नक्सालियों के पास स्नाइपर्स की बकायदा एक टीम थी।
यह टीम माड़वी देवा ने ही खड़ी की थी क्योंकि वह खुद भी स्नाइपर स्पेशलिस्ट था। वह स्नाइपर टीम का कमांडर भी रहा। स्नाइपर स्पेशलिस्ट होने के चलते ही उसे संगठन के लाल लड़ाकों को इसकी ट्रेनिंग भी देता रहा है। 2024 से जहां नक्सलियों के खिलाफ जवानों की आक्रामकता बढ़ी, वहीं इससे पहले मुठभेड़ों में जवानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है।
अधिकांश मुठभेड़ों में नक्सली अपने स्नाइपर्स पेड़ों पर तैनात कर रखते थे, ताकि जवानों के नक्सलियों पर भारी पड़ने के दौरान ये स्नाइपर्स पेड़ों में छिपकर जवानों को निशाना बना सकें। यही कारण है कि मुठभेड़ों में 2024 से पहले जवानों को कई बड़े नुकसान उठाने पड़े हैं। इसके बाद जवानों की रणनीति बदली और उन्होंने नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक ऑपरेशन शुरू कर दिया।
इस कारण बड़े कैडर के कई नक्सली मारे गए। अब बदली परिस्थितियों में नक्सल संगठन पूरी तरह बैकफुट पर है। एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि मुठभेड़ में बड़े कैडर के 3 नक्सलियों को मार गिराने में कामयाबी मिली है। नक्सली लगातार कमजोर हो रहे हैं। गिनती के जो कुछ नक्सल लीडर बचे हैं, उन्हें भी न्यूट्रलाइज करने के प्रयास जारी हैं।
कई जगह वसूली की, कई और से वसूलने की तैयारी भेज्जी-चिंतागुफा के बीच तुमालपाड़ के जंगलों में जहां मुठभेड़ हुई, वहां पिछले कुछ दिनों से तीनों नक्सली कुछ अन्य कैडर्स के साथ मौजूद थे। खबर है कि इस इलाके में नक्सली लेवी वसूलने पहुंचे थे। इस बीच कई लोगों से वे लेवी वसूल चुके थे और कई लोगों से लेवी वसूलने वाले थे। उनकी इसी मूवमेंट का इनपुट पुलिस को मिला और पुलिस ने ऑपरेशन प्लान किया और डीआरजी की टीम को रवाना किया।
इस साल 233 नक्सली मारे गए, बस्तर में जड़ें कमजोर: आईजी पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने कहा कि बस्तर में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है। नक्सली कैडर्स के पास हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं बचा है। नक्सली संगठन की पकड़ अब बस्तर से कमजोर होती चली जा रही है। अब उनकी दहशत और भ्रम का षड़यंत्र बस्तर में नहीं चलेगा। बस्तर रेंज में वर्ष 2025 में अब तक सीसीएम, डीकेएसजेडसीएम, पीएलजीए कैडर्स समेत कुल 233 नक्सलियों को मार गिराया जा चुका है।

