Suniel Shetty Emotional Seeing Son Ahan Shetty in Border 2

Suniel Shetty Emotional Seeing Son Ahan Shetty in Border 2


2 घंटे पहले

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सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ, अहान शेट्टी स्टारर फिल्म बॉर्डर-2 आज रिलीज हो गई है। फिल्म के पहले पार्ट में सुनील शेट्टी ने काम किया था। फिल्म के सेकंड पार्ट में उनके बेटे अहान शेट्टी नजर आ रहे हैं।

फिल्म में बेटे अहान को देखकर सुनील शेट्टी भावुक हो गए हैं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर बॉर्डर और बॉर्डर-2 का फुटेज शेयर करते हुए लंबा नोट लिखा है।

एक्टर ने लिखा- ‘आज बॉर्डर 2 आज रिलीज हो रही है। मेरे बेटे, आज मैं तुम्हें बताना चाहता हूं कि मेरे लिए बॉर्डर एक फिल्म नहीं थी, जिसमें मैंने काम किया। ये एक जिम्मेदारी बन गई थी, जो मैंने शूटिंग खत्म होने के बाद तक निभाया। सालों बाद, तुम्हें वर्दी पहने देखना एक तरह से पुरानी यादों को ताजा कर देता है। यह पुरानी यादों की नहीं, बल्कि अनुशासन, बलिदान, मौन और साहस की याद दिलाता है।

यह फिल्म गौरव या युद्ध के बारे में नहीं है। यह हमें याद दिलाती है कि शांति क्यों जरूरी है। बॉर्डर वो नहीं, जहां देश खत्म होता है। बल्कि ये वो जगह है, जहां पर साहस की शुरुआत होती है। और कुछ कहानियां स्क्रीन पर नहीं रहतीं। वो राष्ट्र के जहन में बस जाती हैं। हम ये बात कभी न भूलें कि कि वर्दी के क्या मायने हैं वह किस चीज का प्रतीक है। जय हिंद जय भारत।’

बता दें कि इससे पहले भी सुनील शेट्टी बॉर्डर 2 के गाने ‘जाते हुए लम्हों’ के लॉन्च पर बेटे को लेकर भावुक हो चुके हैं। लॉन्च के लिए आयोजित स्पेशल स्क्रीनिंग में अहान शेट्टी अपने पिता सुनील शेट्टी के साथ पहुंचे थे। इवेंट के दौरान सुनील बेटे के संघर्ष और फिल्म पर बात करते हुए भावुक हो गए थे।

नेपोटिज्म पर बनी आम धारणा को लेकर एक्टर ने कहा था, “लोगों को लगता है कि सुनील शेट्टी का बेटा है, तो उसे आसानी से काम मिल गया होगा, लेकिन सच्चाई यह है कि अहान ने जिंदगी में बहुत कुछ झेला है, लेकिन मैं बहुत खुश हूं कि उसे बॉर्डर जैसी फिल्म मिली। इससे बेहतर फिल्म नहीं मिल सकती। मैं यही प्रार्थना करूंगा कि वह अपने रोल के साथ जस्टिस करें और फिल्म अच्छा प्रदर्शन करे।”

वहीं, फिल्म बॉर्डर 2 को लेकर बात करते हुए सुनील ने कहा था- इतनी बड़ी फिल्म मिलना अपने आप में बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है। जब अहान यह फिल्म कर रहा था, तब मैंने उससे साफ कहा था कि यह सिर्फ एक यूनिफॉर्म पहनने की बात नहीं है, इसे हमेशा याद रखना।

आज अगर देश प्रगति के लिए पहचाना जाता है, तो उसके साहस के लिए भी जाना जाता है। यह साहस हमें हमारे सैनिक और अधिकारी देते हैं, जिनका हम सब पर बहुत बड़ा कर्ज है। मैंने बस यही कहा था कि जो भी करो, दिल से करो।

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