The story of a smuggler becoming the brother-in-law of a state minister | एक तस्कर के राज्यमंत्री के बहनोई बनने की कहानी: रेस्टोरेंट में मैनेजर बनी, यहीं मालिक को दिल दिया और लिव इन में रहने लगी बहन – Satna News
“फालतू की बात करते हो आप लोग। कोई भी अपने आप से रिश्तेदार बना लेता है। मेरा अनुरोध है कि पहले आप उसकी पुष्टि कर लें। तथ्यों की जानकारी के बाद ही बात करें।”
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यह कहना था राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी का। गांजे की तस्करी के मामले में गिरफ्तार भाई अनिल बागरी से नगरीय विकास एवं आवास मंत्री प्रतिमा बागरी ने पल्ला झाड़ लिया है। गांजा तस्करी मामले में भाई की गिरफ्तारी के बाद वे खजुराहो में मीडिया के सवालों पर झल्ला गई थीं।
पुलिस ने भाई के साथ ही मंत्री के बहनोई को भी इसी मामले में आरोपी बनाया है। दैनिक भास्कर ने इस मामले में यह जानने की कोशिश की कि आखिर एक तस्कर कैसे बहनोई बना। पढ़िए यह रिपोर्ट…
आरोपी पंकज सिंह एवं राज्यमंत्री का भाई अनिल बागरी। 2024 में राज्यमंत्री के बहनोई शैलेन्द्र को कोरेक्स की तस्करी में गिरफ्तार किया था।
सबसे पहले जान लेते हैं पूरे मामले को…
सतना पुलिस के मुताबिक, अनिल बागरी पिता जय प्रताप बागरी, निवासी भरहुत नगर हरदुआ और पंकज सिंह पिता सतेंद्र सिंह, निवासी मतहा को गांजा तस्करी करते रंगे हाथ पकड़ा गया है। मामले का एक अन्य आरोपी शैलेन्द्र सिंह पिता सुरेंद्र सिंह, निवासी विराट नगर फरार है। शैलेन्द्र, अनिल बागरी का बहनोई है।
एडिशनल एसपी प्रेमलाल धुर्वे ने कहा- मुखबिर की सूचना पर 7-8 दिसंबर की दरमियानी रात रामपुर बघेलान पुलिस ने मरौहा गांव में पंकज सिंह के घर पर दबिश दी। घर के बाहर टीन शेड में धान की बोरियों के नीचे 4 बोरियां मिलीं। इनमें 48 पैकेट गांजा के बरामद किए गए। इसकी बाजार में कीमत 9 लाख 22 हजार 680 रुपए है।
आरोपी पंकज को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने बरामद गांजा अनिल बागरी और उसके बहनोई शैलेन्द्र सिंह का बताया। पुलिस ने अनिल बागरी को गिरफ्तार किया। एनडीपीएस एक्ट की विशेष कोर्ट में दोनों आरोपियों को पेश किया गया। यहां से उन्हें 19 दिसंबर तक की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इससे पहले 3 दिसंबर को उत्तर प्रदेश की बांदा पुलिस ने राज्यमंत्री बागरी के बहनोई शैलेंद्र सिंह को भी इसी आरोप में गिरफ्तार किया था।
जानिए कौन है शैलेंद्र सिंह और कैसे बना राज्यमंत्री का बहनोई
पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर शैलेन्द्र सिंह के करीबियों ने दैनिक भास्कर को तस्करी से लेकर लव मैरिज तक की पूरी कहानी बताई। उन्होंने बताया कि शैलेन्द्र सिंह सोम्मु और प्रियंका के बीच रिश्ते की कहानी प्रतिमा बागरी के विधायक और मंत्री बनने के कई सालों पहले ही शुरू हो गई थी। सतना के पन्ना रोड निवासी शैलेन्द्र सिंह कछवाह उर्फ शैलेन्द्र राजावत एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता है। शैलेंद्र मिडिल क्लास फैमिली में तो जन्मा, लेकिन शुरू से ही वह शातिर दिमाग था।
शैलेंद्र बड़ा हुआ तो घर पर ही उसने की-एंड का… नाम से एक रेस्टोरेंट खोला। रेस्टोरेंट को चलाने के लिए उसने अवैध शराब परोसने और बेचने का काम शुरू कर दिया। रेस्टोरेंट पर पुलिस और आबकारी ने कई बार दबिश दी, लेकिन हर बार मामला आया-गया हो गया। रेस्टोरेंट चल निकला तो शैलेंद्र शराब के पीने-पिलाने से आगे बढ़ गया। उसने शराब तस्करी का काम शुरू कर दिया।
तस्करी शुरू की तो रेस्टोरेंट का काम प्रभावित होने लगा। समय नहीं दे पाने के कारण रेस्टोरेंट की कमाई में कमी आने लगी। शैलेंद्र को रेस्टोरेंट के लिए एक मैनेजर की तलाश थी। ऐसे में प्रतिमा बागरी की छोटी बहन प्रियंका बागरी एक परिचित के माध्यम से शैलेन्द्र सिंह के संपर्क में आई।
प्रियंका ने मैनेजर के रूप में रेस्टोरेंट में काम शुरू किया। धीरे-धीरे पूरी तरह से उसने काम संभाल लिया। हालांकि प्रियंका और रेस्टोरेंट मालिक शैलेन्द्र के बीच धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ने लगीं। जल्द ही दोनों लिव इन में साथ रहने लगे। करीब एक साल तक रेस्टोरेंट चलाने के बाद उसे बंद कर दिया और कुछ महीनों बाद दोनों ने रजिस्टर्ड मैरिज कर ली।
शादी के बाद शैलेन्द्र ने अपना घर छोड़ दिया और प्रियंका बागरी के साथ उमरी मोहल्ले में किराए के मकान में रहने लगा, हालांकि अवैध शराब की तस्करी उसने नहीं छोड़ी। शराब तस्करी के मामले में वह पुलिस की गिरफ्त में आया और जेल भी गया।
जेल से बाहर आते ही अमीर बनने की चाहत
छोटी बहन प्रियंका और बहनोई शैलेंद्र सिंह भाई अनिल के साथ राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी।
जेल से बाहर आया, लेकिन जल्द अमीर बनने की उसकी चाहत शांत नहीं हुई। उसने जल्द पैसा कमाने के लिए शराब तस्करी का कारोबार छोड़ प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप कोरेक्स की तस्करी का काम शुरू किया। कफ सिरप में मुनाफा ज्यादा था। यूपी से कफ सिरप की खेप लाकर उसने सतना और रीवा में खपाना शुरू कर दिया।
2023 में प्रतिमा बागरी रैगांव सीट से विधायक और फिर राज्यमंत्री बन गईं। 2024 में शहर के सर्किट हाउस के पास सिंहपुर पुलिस ने शैलेन्द्र सिंह को कोरेक्स की डिलीवरी करते दबोचा। जांच में सामने आया कि एक महीने में शैलेन्द्र ने कियोस्क सेंटर के जरिए साढ़े 5 करोड़ का ट्रांजेक्शन कफ सिरप की तस्करी में किया था।
तस्करी मामले में एक बार फिर से शैलेंद्र सिंह जेल चला गया। कुछ समय बाद फिर जेल से बाहर आया तो नशीली कफ सिरप की तस्करी के साथ सूखे नशे गांजा की तस्करी की तरफ भी रुख कर लिया।
अब जान लेते हैं रैगांव से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के बारे में…
पूर्व मंत्री जुगलकिशोर बागरी के देहांत के बाद 2021 में रैगांव विधानसभा के उप चुनाव में 31 साल बाद भाजपा की हार हुई थी। कांग्रेस की कल्पना वर्मा के हाथों भाजपा की प्रतिमा को शिकस्त मिली थी। साल 2023 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर कल्पना और प्रतिमा आमने-सामने थीं। इस बार भाजपा ने न केवल अपना गढ़ वापस हासिल किया, बल्कि रैगांव सीट से जीत का नया इतिहास भी रच दिया था।
बीजेपी की प्रतिमा बागरी ने 36060 वोटों के बड़े मार्जिन से कांग्रेस प्रत्याशी कल्पना वर्मा को हरा दिया था। पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व पार्षद जयप्रताप बागरी की बेटी प्रतिमा बागरी तब सुर्खियों में आईं जब पहली ही बार विधायक चुने जाने के बाद पहले ही मंत्रिमंडल में उन्हें राज्यमंत्री के तौर पर शामिल किया गया।
तस्वीर अनिल बागरी की शादी के मौके की है। बहन प्रतिमा बागरी आशीर्वाद देते दिख रही हैं।
स्वागत में लगी होर्डिंग्स से शुरू हुई मंत्री की फजीहत राज्यमंत्री का पदभार संभालते ही सतना जिले में स्वागत के लिए समर्थकों द्वारा लगाई गई होर्डिंग्स की वजह से ही प्रतिमा बागरी की फजीहत शुरू हो गई थी। दरअसल, कई होर्डिंग्स में उनके बहनोई शैलेन्द्र सिंह की फोटो भी स्वागत करने वालो की फेहरिस्त में लगी थी।
इसके अलावा शैलेन्द्र सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट में कई फोटो राज्यमंत्री के साथ वायरल हो रही थी। सोशल मीडिया में जब इस बात को लेकर किरकिरी होने लगी तो राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने सफाई देते हुए अपनी छोटी बहन प्रियंका और उसके तस्कर पति से किसी भी तरह के संबंध नहीं होने की बात कहते हुए मामले से पल्ला झाड़ लिया।
राज्यमंत्री की भाई से भी नजदीकी की बात आई सामने राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और उनके भाई अनिल के करीब बताते हैं कि मंत्री चाहे जितना नकारें कि उनका कोई रिश्तेदार नहीं है, लेकिन सैकड़ों ऐसे सबूत मौजूद है कि मंत्री बनने के बाद भी उनके अपने भाई, बहन और परिवार से काफी घनिष्ठता है। कई ऐसी तस्वीरें हैं, जिसने पता चलता है कि भाई अनिल बागरी और बहनोई शैलेन्द्र सिंह से उनके मधुर संबंध हैं।
परिचितों का यह भी कहना है कि गांजा तस्करी में आरोपी बना भाई अनिल सार्वजनिक जीवन में बहुत खुल कर सामने नहीं आता था, लेकिन बहनोई शैलेन्द्र सिंह से उसकी काफी करीबी थी। शैलेन्द्र सिंह के सोशल मीडिया एकाउंट में कई फोटो और वीडियो हैं, जिनमें शैलेन्द्र और अनिल अक्सर साथ में पार्टियां करते और राज्यमंत्री बहन से मुलाकात करते देख जाएंगे।
बहनोई शैलेंद्र के साथ अनिल बागरी। दूसरे फोटो में प्रियंका और शैलेंद्र।
जीजा यूपी के बांदा जेल में बंद
पूर्व जिला पंचायत सदस्य जय प्रताप बागरी की 4 संतानें हैं। सबसे बड़ा बेटा अनिल, फिर राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, तीसरे नंबर पर प्रियंका और चौथे नंबर का बेटा ऋषभ है। अभी तक की जांच में पता चला है कि अनिल बागरी अपने जीजा शैलेन्द्र सिंह के साथ मिलकर गांजा की तस्करी करता था। रामपुर बघेलान थाने में अनिल और पंकज के खिलाफ बीएनएस की धारा 8, 20, 29 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध क्रमांक 1079/25 दर्ज किया गया है।
रामपुर बघेलान पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इस मामले में फरार आरोपी शैलेन्द्र सिंह जो यूपी के बांदा जेल में मादक पदार्थ की तस्करी के ही एक और मामले में बंद है, का ट्रांजिक्ट रिमांड लेने की जल्द तैयारी कर सकती है ताकि गांजा तस्करी के नेटवर्क तक पहुंचा जा सके।
जीतू पटवारी ने मांगा मंत्री का इस्तीफा
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मंत्री प्रतिमा बागरी के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि एमपी में नशा माफिया हावी है और राज्य ने नशे में पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है। पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रतिमा बागरी का भाई नशा तस्करी में पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार शराब से 17 हजार करोड़ का राजस्व कमा रही है और माफियाओं ने मंत्रियों के दफ्तरों तक घेरा बना लिया है।
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इंदौर में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एमपी सरकार पर हमला बोलते हुए मंत्री प्रतिमा बागरी का इस्तीफा मांगा है। पटवारी ने कहा कि जनता बीजेपी पर बार- बार भरोसा कर उन्हें चुन रही है। यह नशा माफिया की सरकार है। पहले वित्तमंत्री जगदीश देवड़ा के ड्रग्स कारोबारियों के साथ फोटो आए। विश्वास सारंग का मिर्ची केस में पारिवारिक रिश्ता निकला। अब मंत्री प्रतिमा बागरी का भाई नशा तस्करी में शामिल मिला है। पूरी खबर पढ़ें

