TikTok to Sell US Unit to Avoid Ban: ByteDance Signs Deal with American Investors; 17 Crore Users Relieved, Data Control to Stay in US | टिकटॉक अमेरिका में बैन नहीं होगा: बैन से बचने के लिए बाइटडांस ने डील साइन की, अमेरिकी ग्रुप के पास होगा डेटा का कंट्रोल
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वॉशिंगटन10 घंटे पहले
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पॉपुलर शॉर्ट वीडियो एप टिकटॉक ने अमेरिका में अपना कारोबार बेचने के लिए डील साइन की है। टिकटॉक की मूल कंपनी, चीन की बाइटडांस ने यह फैसला अमेरिका में एप पर संभावित बैन से बचने के लिए लिया है।
इस डील के तहत टिकटॉक का अमेरिकी यूनिट अब अमेरिकी निवेशकों के नेतृत्व वाले एक वेंचर (ग्रुप) के पास होगा। बता दें कि भारत सरकार ने 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद टिकटॉक सहित 59 चाइनीज एप को बेन कर दिया था।
बैन होने से बचने के लिए डील साइन की
अमेरिकी सरकार लंबे समय से टिकटॉक को सुरक्षा के लिहाज से खतरा बता रही थी। बाइडन प्रशासन ने एक कानून पारित किया था, जिसके तहत बाइटडांस को जनवरी 2025 के मध्य तक अपना अमेरिकी कारोबार किसी गैर-चीनी कंपनी को बेचने का निर्देश दिया गया था।
ऐसा न करने पर अमेरिका में टिकटॉक को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाता। इस डील के बाद अब अमेरिका में टिकटॉक के करीब 17 करोड़ यूजर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।
अमेरिकी निवेशकों का ग्रुप खरीदेगा
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टिकटॉक को खरीदने वाले ग्रुप में अमेरिका के कई बड़े निवेशक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं। इस डील की शर्तों के तहत, ऐप का डेटा मैनेजमेंट और एल्गोरिदम पर नियंत्रण अब अमेरिका स्थित यूनिट के पास ही रहेगा। इससे पहले अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई थी कि चीनी सरकार टिकटॉक के जरिए अमेरिकी नागरिकों के डेटा तक पहुंच बना सकती है और प्रोपेगेंडा फैला सकती है।
जो बाइडन ने बिक्री से जुड़े कानून पर साइन किया था
टिकटॉक पर बैन का मुद्दा अमेरिका में राजनीतिक रूप से काफी चर्चा में रहा है। जहां पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस बिक्री से जुड़े कानून पर हस्ताक्षर किए।
वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में अपने रुख में बदलाव करते हुए कहा था कि टिकटॉक पर बैन लगाने से फेसबुक को फायदा होगा, जिसे वह ‘जनता का दुश्मन’ मानते हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का दबाव बाइटडांस पर लगातार बना हुआ था।
बाइटडांस के पास अभी भी चुनौतियां
भले ही टिकटॉक ने बिक्री के समझौते पर दस्तखत कर दिए हैं, लेकिन इस डील को अभी भी अमेरिकी और संभवतः चीनी नियामकों (Regulators) की मंजूरी मिलना बाकी है।
चीन ने पहले कहा था कि वह अपने एल्गोरिदम के जबरन निर्यात का विरोध करेगा। ऐसे में यह देखना होगा कि क्या चीन की सरकार इस डील को अंतिम रूप देने की अनुमति देती है या नहीं।
भारत में 500 से ज्यादा चाइनीज एप पर बैन
भारत ने 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़पों के बाद टिकटॉक, वीचैट और हेलो जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सहित 59 चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर प्रतिबंध लगाया था। बैन से कुछ महीने पहले, भारत ने चाइनीज कंपनियों के निवेश पर भी प्रतिबंध लगाया था।
भारत सरकार का कहना था कि ये एप यूजर्स का डेटा चीनी सरकार के साथ शेयर कर सकते हैं, जो देश की संप्रभुता और सुरक्षा के मद्देनजर खतरा हैं। भारत में अब तक 500 से ज्यादा चाइनीज एप पर प्रतिबंध लग चुका है।
ये 59 चाइनीज एप भारत में बैन
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एप कैटेगरी |
बैन किए गए चीनी एप |
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एंटरटेनमेंट वीडियो-म्यूजिक एप |
1. टिक-टॉक (TikTok) 2. लाइकी (Likee) 3. क्वाई (Kwai) 4. क्यूक्यू म्यूजिक (QQ Music) |
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सोशल मीडिया एप |
5. हेलो (Helo) 6. शेयर इट (Shareit) 7. एमआई कम्यूनिटी (Mi Community) 8. वीबो (Weibo) |
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चैट – डेटिंग एप |
9. वी चैट (WeChat) 10. वी मीट (We Meet) 11. विडमेट (Vidmate) |
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वेब ब्रॉउजर एप |
12. यूसी ब्राउजर (UC Browser) 13. सीएम ब्राउजर (CM Browser) 14. एपीयूएस ब्राउजर (APUS Browser) 15. डीयू ब्राउजर (DU Browser) |
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यूटिलिटी एप |
16. पैरेलल स्पेस (Parallel Space) 17. ब्यूटी प्लस (Beauty Plus) 18. शेंडर (Xender) 19. कैम स्कैनर (Cam Scanner) 20. बैदू मैप वंडर कैमरा (Baidu Map Wonder Camera) 21. बैदू ट्रांसलेट (Baidu Translate) 22. डीयू बैटरी सेवर (DU Battery Saver) 23. डीयू क्लीनर (DU Cleaner) 24. डीयू प्राइवेसी (DU Privacy) 25. डीयू रिकॉर्डर (DU recorder) 26. यूकैम मेकअप (YouCam Makeup) 27. वायरस क्लीनर (Virus Cleaner) 28. वी सिंक (WeSync) 29. ईएस फाइल एक्पलोरर (ES File Explorer) 30. वॉल्ट- हाइड (Vault- Hide) 31. कैश क्लीनर डीयू एप स्टूडियो (Cache Cleaner DU App studio) 32. क्लीन मास्टर (Clean Master) – चीता मोबाइल (Cheetah Mobile) 33. क्यूक्यू सिक्योरिटी सेंटर (QQ Security Centre) 34. क्यूक्यू इंटरनेशनल (QQ International) 35. क्यूक्यू लॉन्चर (QQ Launcher) 36. क्यूक्यू मेल (QQ Mail) 37. मेल मास्टर (Mail Master) |
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गेमिंग एप |
38. क्लैश ऑफ किंग्स (Clash of Kings) 39. हबो प्ले विथ न्यू फ्रैंHabo Play With New Friends 40. मोबाइल लीजेंड्स (Mobile Legends) |
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ई-कॉमर्स एप |
41. क्लब फैक्टरी (Club Factory) 42. शीन (SHEIN) 43. रोमवी (ROMWE) |
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वीडियो -लाइव स्ट्रीमिंग और एडिटिंग एप |
44. वीबो लाइव (Vibo live) 45. विगो वीडियो (Vigo Video) 46. एमआई वीडियो कॉल-शाओमी (Mi Video call-Xiaomi) 47. वीवा वीडियो (VivaVideo) – क्यूयू वीडियो इंक (QU Video Inc) 48. न्यू वीडियो स्टेटस (New Video Status) 49. क्यूक्यू प्लेयर (QQ Player) 50. यू वीडियो (U Video) 51. वी फ्लाई स्टेटस वीडियो (V fly Status Video) |
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न्यूज एग्रीगैटर |
52. यूसी न्यूज (UC News) 53.न्यूज डॉग (NewsDog) 54. क्यूक्यू न्यूज फीड (QQ NewsFeed) |
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फोटो एडिटिंग |
55. मीटू (Meitu) 56. सेल्फी सिटी (Selfie City) 57. वंडर कैमरा (Wonder Camera) 58. फोटो वंडर (Photo Wonder) 59. स्वीट सेल्फी (Sweet Selfie) |
टिकटॉप पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने के आरोप
चाइनीज कंपनी के वीडियो एप टिकटॉप पर पोर्नोग्राफी को बढ़ावा देने के आरोप थे। इसके अलावा उस पर भारतीयों का डेटा चोरी करने के आरोप का भी सामना करना पड़ा था। सबसे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने इस पर बैन लगाया था। हाईकोर्ट से बैन होने के बाद बाइटडांस ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। उसने भी मद्रास हाईकोर्ट का ऑर्डर बहाल रखा था।
पेरेंट कंपनी को रोजाना 3.50 करोड़ रुपए का नुकसान
भारत में बैन की वजह से इसकी पेरेंट कंपनी बाइटडांस को रोज 5 लाख डॉलर (3.50 करोड़ रुपए) का नुकसान हो रहा है। मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि टिकटॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाई जाए, इससे पोर्नोग्राफी को बढ़ावा मिल रहा है।
इसके बाद सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने एपल को गूगल को अपने ऑनलाइन स्टोर से टिकटॉक हटाने के लिए कहा था। दोनों कंपनियों ने एप हटा दिया। उस वक्त देश में टिकटॉक के 24 करोड़ यूजर थे।
टिकटॉक ने क्या कहा था बैन के वक्त टिकटॉक इंडिया के CEO निखिल गांधी ने कहा था- हम भारतीय कानून का पालन कर रहे हैं। हम भारतीय कानून के तहत डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के नियमों का पालन कर रहे हैं।
हमने चीन समेत किसी भी विदेशी सरकार के साथ भारतीय यूजर्स की जानकारी शेयर नहीं की है। अगर भविष्य में भी हमसे अनुरोध किया जाता है तो हम ऐसा नहीं करेंगे। हम यूजर की निजता की अहमियत समझते हैं।
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टिकटॉक वेबसाइट भारत में 5 साल बाद अनब्लॉक: होमपेज तक एक्सेस, शॉपिंग साइट अलीएक्सप्रेस और शीन भी शुरू; इन पर 2020 से बैन था
चाइनीज शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म टिकटॉक (TikTok) की वेबसाइट शुक्रवार शाम से भारत में 5 साल बाद अनब्लॉक हुई है। साथ ही ऑनलाइन शॉपिंग साइट अलीएक्सप्रेस (Aliexpress) और शीन (Shein) का वेब पेज भी ओपन हो रहा है। साल 2020 में भारत-चीन के बीच रिश्तों में तनाव के चलते इन पर बैन लगा था।
यूजर्स मोबाइल और लैपटॉप पर अभी इन प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइट का सिर्फ होम पेज एक्सेस कर पा रहे हैं। वहीं, टिकटॉक और अलीएक्सप्रेस का एप अभी भी गूगल प्ले स्टोर और एपल एप स्टोर पर अवेलेबल नहीं है। यानी एप अभी भी ब्लॉक्ड हैं। वहीं, शीन का एप इन्सटॉल किया जा सकता है। पूरी खबर पढ़ें…

