अमृतसर में रिहैब सेंटर के सामने बिक रहा नशा:सांसद बोले- एक महीने में कार्रवाई न होने पर संसद में उठाएंगे मुद्दा; CP-DC से की बात




राज्यसभा सांसद डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी ने अमृतसर में खुलेआम हो रही नशा तस्करी को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। शनिवार को अमृतसर स्थित स्वामी विवेकानंद ड्रग रिहैबिलिटेशन सेंटर का दौरा करने पहुंचे सांसद को स्थानीय लोगों ने शिकायत दी कि मजीठा रोड पर स्थित इस रिहैब सेंटर के ठीक सामने बेखौफ होकर ‘चिट्टा’ (हेरोइन) और नशीली गोलियां बेची जा रही हैं। स्थानीय निवासियों की शिकायत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए सांसद डॉ. साहनी ने तुरंत अमृतसर के पुलिस कमिश्नर (CP) और डिप्टी कमिश्नर (DC) से फोन पर बात कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ युवाओं को नशे के दलदल से निकालने के लिए रिहैब सेंटर चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इन केंद्रों के मुख्य गेट के बाहर ही नशे का अवैध धंधा फल-फूल रहा है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी दी कि “यदि पुलिस प्रशासन ने अगले एक महीने के भीतर इस इलाके में नशा तस्करी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लगाया, तो मैं इस गंभीर मामले को सीधे संसद में उठाऊंगा।” 15 वर्षों से निशुल्क सेवाएं दे रहा है केंद्र डॉ. साहनी ने बताया कि स्वामी विवेकानंद रिहैबिलिटेशन सेंटर पिछले 15 सालों से जरूरतमंदों को निशुल्क इलाज और पुनर्वास की सेवाएं दे रहा है। इस केंद्र के माध्यम से अब तक हजारों युवाओं को नशा मुक्त कराकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के ‘नशा मुक्त भारत’ संकल्प के तहत पंजाब में ऐसे 12 केंद्रों के जरिए युवाओं को नशा मुक्त करने के साथ-साथ उन्हें हुनरमंद (स्किल डेवलपमेंट) बनाने का काम किया जा रहा है। खालसा कॉलेज के सामने शराब ठेके पर सख्त ऐतराज दौरे के दौरान सांसद ने खालसा कॉलेज के मुख्य गेट के बिल्कुल सामने स्थित शराब के ठेके पर भी कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने आबकारी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान के 50 मीटर के दायरे में शराब की दुकान नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन से नियमों की धज्जियां उड़ा रहे इस ठेके को तुरंत हटाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने की मांग की। सांसद डॉ. साहनी ने कहा कि युवाओं को नशे की आसान उपलब्धता से बचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आम नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं से भी अपील की कि वे अपने आसपास होने वाली नशे की अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक निसंकोच पहुंचाएं।



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