कांग्रेस सरकार राम मंदिर मामले से नाकामी छिपाने का आरोप:भाजपा उपाध्यक्ष पवन काजल ने कागड़ा में सरकार की गारंटियों पर उठाए सवाल
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष और स्थानीय विधायक पवन काजल ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे का मुद्दा उछालकर अपनी नाकामियों को छिपाने का असफल प्रयास कर रही है। पवन काजल ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में एसआईटी (SIT) का गठन कर जांच शुरू कर दी है और दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो कांग्रेस कभी राम मंदिर निर्माण में बाधा डालती थी, वह अब इस नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश कर रही है। ग्रामीण विकास और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विधायक पवन काजल ने कार्यक्रम के दौरान युवक मंडल को हैंडबॉल, कबड्डी की मैट और स्पोर्ट्स किट स्वीकृत करने की भी घोषणा की। कोहाला गांव में दो नए हैंडपंपों का शुभारंभ, 34 परिवारों को मिलेगी राहत रविवार को कोहाला गांव में सूर्या युवक क्लब द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान विधायक पवन काजल ने विद्युत मोटर चालित दो हैंडपंपों का विधिवत शुभारंभ किया। इन हैंडपंपों के लगने से गांव के 34 परिवारों को पीने के पानी की किल्लत से निजात मिलेगी। विधायक काजल ने कोहाला क्षेत्र में हुए अन्य प्रमुख विकास कार्यों को लेकर कहा कि कोहाला गांव को धर्मशाला के मंदल गांव से जोड़ने के लिए 1 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया गया है। मटोर से कोहाला तक सड़क को चौड़ा करने (विस्तारीकरण) पर लगभग 1 करोड़ 67 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। गांव में खेल मैदान के विकास पर 15 लाख रुपये खर्च हुए हैं, जबकि घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए अब तक करीब 25 विद्युत चालित हैंडपंप लगाए जा चुके हैं। सरकारी लापरवाही और चुनावी गारंटियों पर उठाए सवाल काजल ने कोहाला गांव के लिए मंजूर 1 करोड़ 25 लाख रुपये की पेयजल योजना में हो रही देरी पर गहरी चिंता व्यक्त की। विधायक पवन काजल ने कहा कि “योजना के तहत दो ट्यूबवेल के टेंडर भी हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की लेटलतीफी और स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है, जिससे जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है।” इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस की चुनावी गारंटियों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये देने, एक लाख बेरोजगारों को पक्की सरकारी नौकरी देने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने के अपने वादों में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
Source link

