कुल्लू में मंजू शर्मा मौत; सड़क पर उतरे लोग:आमरण अनशन, राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने की घोषणा, डॉक्टर की लापरवाही से गई थी जान
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के बाद महिला मंजू शर्मा की मौत के मामले में जन-आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को इस मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए तीसरी बार लोग सड़कों पर उतरे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सुबह से ही रथ मैदान में एकत्र हुए और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े व व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सुमित ठाकुर ने बड़ा बयान देते हुए घोषणा की कि यदि मंजू शर्मा मामले में पीड़ित परिवार को उचित न्याय नहीं मिला, तो वह अपने दोनों राष्ट्रीय पुरस्कार सरकार को लौटा देंगे। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी दी कि यदि सोमवार शाम तक इस संदर्भ में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का बयान, अस्पताल में डर का माहौल बनने का आरोप दूसरी ओर, मणिकर्ण के टटारी में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्थानीय विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि केवल ढालपुर में प्रदर्शन करने से इस समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों से इस संवेदनशील मुद्दे को विधानसभा में उठाने का आग्रह करें। इसके अलावा विधायक ने यह आरोप भी लगाया कि कुल्लू में ऐसा माहौल और डर पैदा किया जा रहा है, जिसके कारण अब कोई भी डॉक्टर क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में अपनी सेवाएं देने को तैयार नहीं हो रहा है। पूरे जिले में आक्रोश, आंदोलन जारी रखने का ऐलान मंजू शर्मा की मौत की घटना को लेकर पूरे कुल्लू जिले में लोगों के बीच गहरा रोष व्याप्त है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने साफ शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक जिम्मेदार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
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