चंडीगढ़ PU में लगेंगे हाई-क्वालिटी कैमरे:हॉस्टलों के बाहर लगेंगे, 360° नाइट विजन, शरारती तत्वों की पहचान में दिक्कत,पहले भी लग चुके कैमरे
चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए नई योजना तैयार की है। इसके तहत लड़कों और लड़कियों के हॉस्टलों के बाहर हाई-क्वालिटी 360 डिग्री नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से हॉस्टलों में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखी जा सकेगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन इस योजना पर जल्द काम शुरू करने जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है। हालांकि, इससे पहले भी पीयू कैंपस में बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद झगड़े, चोरी और बाहरी लोगों की गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पाया है। डीएसडब्ल्यू (वूमन) प्रो. नमिता ने कहा सभी स्टूडेंट हॉस्टलों के अंदर पहले से कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन अब बाहर 360 डिग्री नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके और यह देखा जा सके कि हॉस्टलों में कौन आ-जा रहा है। शरारती तत्वों की पहचान में दिक्कत यूनिवर्सिटी के लड़कों के हॉस्टलों में झगड़े और विवाद की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। खासतौर पर स्टूडेंट काउंसिल चुनावों के दौरान माहौल ज्यादा संवेदनशील हो जाता है। इस दौरान अलग-अलग छात्र संगठनों के समर्थकों के बीच तनातनी बढ़ जाती है, जो कई बार झगड़े का रूप ले लेती है। कई मामलों में हॉस्टलों के अंदर और बाहर समूह बनाकर विवाद किए जाते हैं, जिससे अन्य छात्रों में भी असुरक्षा का माहौल बनता है। जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कई बार यह बात सामने आई है कि इन झगड़ों में शामिल अधिकांश लोग यूनिवर्सिटी के नियमित छात्र नहीं होते, बल्कि बाहरी (आउटसाइडर्स) होते हैं। ये लोग चुनावी माहौल का फायदा उठाकर कैंपस में घुस आते हैं और विवाद को बढ़ावा देते हैं। चूंकि ये बाहरी होते हैं, इसलिए उनकी पहचान करना और उनके खिलाफ कार्रवाई करना प्रशासन के लिए चुनौती बन जाता है। कई मामलों में फुटेज होने के बावजूद आरोपियों की पहचान स्पष्ट नहीं हो पाती, जिससे वे कार्रवाई से बच निकलते हैं। वहीं, लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाने वाला एक मामला सामने आ चुका है। हॉस्टल नंबर-4 में देर रात करीब 2 बजे एक युवक के घुसने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। बताया गया कि युवक बिना अनुमति हॉस्टल परिसर में दाखिल हो गया और काफी देर तक अंदर इधर-उधर घूमता रहा। इस दौरान वह किसी की नजर में नहीं आया, जो सुरक्षा में बड़ी चूक मानी गई। बाद में जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तब इस घटना का खुलासा हुआ। कैमरों में युवक की गतिविधियां रिकॉर्ड तो हुईं, लेकिन उसकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी। इस घटना के बाद छात्राओं और उनके अभिभावकों में काफी नाराजगी देखी गई थी। उन्होंने हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने की मांग उठाई थी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पहले भी लगे हैं कैमरे, फिर भी घटनाएं जारी पीयू प्रशासन ने सत्र 2020-21 के दौरान करीब 58 लाख रुपए खर्च कर कैंपस के विभिन्न हिस्सों में नाइट विजन सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। ये कैमरे सेक्टर-14 स्थित मुख्य गेट्स और साउथ कैंपस के कई स्थानों पर लगाए गए हैं। इसके बावजूद सेक्टर-14 मार्केट और अन्य इलाकों में मोबाइल, लैपटॉप, साइकिल और बाइक चोरी की घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। कई मामलों में कैमरों में फुटेज कैद होने के बावजूद आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल होता है। अब हॉस्टलों के बाहरी क्षेत्रों में एडवांस कैमरे लगाने से बाहरी लोगों की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी और शरारती तत्वों की पहचान आसान होगी।
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