दो बार UPSC क्रैक कर IAS बनीं दिव्या शक्ति, अब शराबबंदी की कमान


आपको बता दें कि दिव्या शक्ति बिहार केडर की 2022 बैच की आईएएस अधिकारी है. प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ उनकी यूपीएससी की कहानी भी खास रही है. उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा एक नहीं बल्कि दो बार पास की. पहली बार परीक्षा पास करने के बाद में वह आईपीएस बनी, लेकिन आईएएस बनने के टारगेट को हासिल करने के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी.

आपको बता दें कि दिव्या शक्ति बिहार केडर की 2022 बैच की आईएएस अधिकारी है. प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ उनकी यूपीएससी की कहानी भी खास रही है. उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा एक नहीं बल्कि दो बार पास की. पहली बार परीक्षा पास करने के बाद में वह आईपीएस बनी, लेकिन आईएएस बनने के टारगेट को हासिल करने के लिए उन्होंने दोबारा परीक्षा दी.

दिव्या शक्ति ने बिट्स पिलानी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने इकोनॉमिक्स में एमएससी भी किया. डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने करीब 2 साल तक एक अमेरिकी कंपनी में नौकरी की.

दिव्या शक्ति ने बिट्स पिलानी से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने इकोनॉमिक्स में एमएससी भी किया. डिग्री पूरी करने के बाद उन्होंने करीब 2 साल तक एक अमेरिकी कंपनी में नौकरी की.

प्राइवेट क्षेत्र में काम करने के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और यूपीएससी की तैयारी शुरू की. इसके बाद उनकी मेहनत का नतीजा पहली ही परीक्षा में सामने आया.

प्राइवेट क्षेत्र में काम करने के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और यूपीएससी की तैयारी शुरू की. इसके बाद उनकी मेहनत का नतीजा पहली ही परीक्षा में सामने आया.

यूपीएससी 2018 में दिव्या शक्ति ने पहली कोशिश में ऑल इंडिया 79 वीं रैंक हासिल की. इस रैंक के साथ उनका चयन आईपीएस में हुआ. पहली सफलता के बावजूद उन्होंने आईएएस बनने का टारगेट नहीं छोड़ा. आईपीएस के रूप में चयन के बाद भी वह दोबारा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गई. अगले प्रयास में उन्होंने अपने रैंक को और बेहतर की.

यूपीएससी 2018 में दिव्या शक्ति ने पहली कोशिश में ऑल इंडिया 79 वीं रैंक हासिल की. इस रैंक के साथ उनका चयन आईपीएस में हुआ. पहली सफलता के बावजूद उन्होंने आईएएस बनने का टारगेट नहीं छोड़ा. आईपीएस के रूप में चयन के बाद भी वह दोबारा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गई. अगले प्रयास में उन्होंने अपने रैंक को और बेहतर की.

यूपीएससी 2021 में दिव्या शक्ति ने ऑल इंडिया 58वीं रैंक हासिल की. इस बार उनका चयन आईएएस के लिए हुआ और उन्हें बिहार कैडर मिला. इस तरह दो प्रयासों में सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद वह पहले आईपीएस और फिर आईएएस अधिकारी बनीं.

यूपीएससी 2021 में दिव्या शक्ति ने ऑल इंडिया 58वीं रैंक हासिल की. इस बार उनका चयन आईएएस के लिए हुआ और उन्हें बिहार कैडर मिला. इस तरह दो प्रयासों में सिविल सेवा परीक्षा पास करने के बाद वह पहले आईपीएस और फिर आईएएस अधिकारी बनीं.

दिव्या शक्ति मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के जलालपुर स्थित कोठयां गांव की रहने वाली है. उनका जन्म 20 सितंबर 1992 को हुआ उनके पिता धीरेंद्र कुमार सिंह बेतिया मेडिकल कॉलेज में अधिक्षक रह चुके हैं और अब रिटायर हो चुके हैं. वहीं उनकी मां मंजुल प्रभा ग्रहणी है.

दिव्या शक्ति मूल रूप से बिहार के छपरा जिले के जलालपुर स्थित कोठयां गांव की रहने वाली है. उनका जन्म 20 सितंबर 1992 को हुआ उनके पिता धीरेंद्र कुमार सिंह बेतिया मेडिकल कॉलेज में अधिक्षक रह चुके हैं और अब रिटायर हो चुके हैं. वहीं उनकी मां मंजुल प्रभा ग्रहणी है.

इसके अलावा बिहार सरकार के 28 अगस्त के तबादले में दिव्य शक्ति के अलावा पांच अन्य आईएएस अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी गई. उज्जवल कुमार सिंह को ग्रामीण विकास विभाग में तैनात किया. श्रीकांत शास्त्री को पशुपालन विभाग में निदेशक बनाया और विवेक रंजन मैत्रेय को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में अपर सचिव और नितिन कुमार सिंह को माध्यमिक शिक्षा का निदेशक नियुक्त किया गया.

इसके अलावा बिहार सरकार के 28 अगस्त के तबादले में दिव्य शक्ति के अलावा पांच अन्य आईएएस अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी गई. उज्जवल कुमार सिंह को ग्रामीण विकास विभाग में तैनात किया. श्रीकांत शास्त्री को पशुपालन विभाग में निदेशक बनाया और विवेक रंजन मैत्रेय को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में अपर सचिव और नितिन कुमार सिंह को माध्यमिक शिक्षा का निदेशक नियुक्त किया गया.

Published at : 30 Aug 2026 06:54 AM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!