द्वारका में अखिल भारतीय हेड़ा संगठन का चतुर्थ महासम्मेलन:द्वारका प्रसाद जी हेड़ा रत्न और डॉ अतुल बने हेड़ा गौरव, सहषकरण जी अध्यक्ष और केदार हेड़ा बने महामंत्री

द्वारका में अखिल भारतीय हेड़ा संगठन का चतुर्थ महासम्मेलन:द्वारका प्रसाद जी हेड़ा रत्न और डॉ अतुल बने हेड़ा गौरव, सहषकरण जी अध्यक्ष और केदार हेड़ा बने महामंत्री




भगवान कृष्ण की पावन नगरी द्वारका में अखिल भारतीय हेड़ा संगठन का दो दिवसीय चतुर्थ महासम्मेलन भव्यता के साथ संपन्न हुआ। इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए समाज बंधुओं ने समाज उत्थान और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कालूराम हेड़ा ने आगामी सत्र के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की। इसमें किशनगढ़ के प्रसिद्ध मार्बल व्यवसायी सहषकरण हेड़ा निर्विरोध अध्यक्ष और इंदौर के केदार हेड़ा महामंत्री चुने गए। सत्यनारायण हेड़ा (बोरसद) वरिष्ठ उपाध्यक्ष, विष्णुचरण हेड़ा (किशनगढ़) कोषाध्यक्ष, रामेश्वर हेड़ा (जालोर) संगठन मंत्री और श्रीमती सुभद्रा हेड़ा को महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष चुना गया। द्वारका प्रसाद हेड़ा हेड़ा रत्न और डॉ अतुल हेड़ा बने हेड़ा गौरव समारोह में समाज की विशिष्ट विभूतियों को हेड़ा रत्न और हेड़ा गाैरव और उल्लेखनीय कार्य के लिए विशेष सम्मान प्रदान किए गए। गौ सेवा, सनातन धर्म और भव्य मंदिर निर्माण हेतु डेगाना, राजस्थान के द्वारका प्रसाद हेड़ा को हेड़ा रत्न और शिशु रोग विशेषज्ञ, जन कल्याण एवं स्वास्थ्य जागरूकता हेतु भीलवाड़ा के डॉ. अतुल हेड़ा को हेड़ा गौरव सम्मान प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त, विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि प्राप्त करने वाले 15 सदस्यों को ‘सम्मान पत्र’ और आर्थिक सहयोग देने वाले 50 सदस्यों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शंकर लाल जी हेड़ा (गोवा) ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन के हर व्यक्ति को निजी जीवन और व्यवसाय में से समय निकालकर समाज के लिए जन उपयोगी कार्य करने चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि आज के डिजिटल युग में नेतृत्वकर्ताओं को समाज के हर व्यक्ति को संगठन से जोड़कर कुरीतियों एवं आडंबरों से बाहर निकालना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ विचार के साथ राष्ट्र के प्रति समर्पित कार्यकर्ता देकर एक सुदृढ़ और शक्तिशाली भारत बनाया जा सके। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में कालूराम जी हेड़ा (नडियाद), अशोक जी हेड़ा (वासिम) एवं कमल जी हेड़ा (भिवंडी) ने भी अपने विचार रखे। सेवा और समर्पण की उपलब्धियां संगठन के अध्यक्ष प्रहलाद जी हेड़ा (नडियाद) ने बताया कि संस्था जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहयोग, विधवा बहनों को मासिक पेंशन और चिकित्सा सहायता प्रदान कर रही है। मुख्य उद्देश्य परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना है; वर्तमान में 20 परिवारों को मासिक पेंशन दी जा रही है। महामंत्री डॉ. जी.एल. हेड़ा (नई दिल्ली) ने जानकारी दी कि वर्तमान में भारत के साथ-साथ अमेरिका, नैरोबी, दुबई एवं नेपाल से भी लगभग 900 सदस्य जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि हर तीन वर्ष के सत्र में विशेष सेवा देने वालों को सम्मानित किया जाता है। संगठन का लेखा–जोखा और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कोषाध्यक्ष तुलसी राम हेड़ा (सूरत) ने पिछले तीन वर्षों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जिसे सभी ने एकमत से स्वीकार किया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामप्रसाद हेड़ा (शाहपुरा) ने बताया कि लगभग 600 सदस्यों की व्यवस्था हेतु विभिन्न समितियों का गठन किया गया था। सदस्यों ने द्वारकाधीश, बेट द्वारका, नागेश्वर एवं सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन भी किए। सम्मेलन में प्रसिद्ध भजन गायक ऋषि कुमार और कोलकाता की भजन गायिका मारुति मोहता ने भजनों की मंत्रमुग्ध कर देने वाली प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन महिला संगठन की अध्यक्षा श्रीमती सुनीता हेड़ा (जोधपुर) एवं मंत्री श्रीमती सुभद्रा हेड़ा (शाहपुरा) द्वारा किया गया। आगे के लिए 5 सूत्रीय कार्ययोजना प्रस्तुत नवनिर्वाचित अध्यक्ष सहस्षकरण हेड़ा ने ‘पांच सूत्रीय कार्ययोजना’ प्रस्तुत की, जिसमें युवाओं के लिए बिजनेस इनोवेटिव कार्यक्रम, सदस्यता अभियान, आत्मनिर्भरता हेतु अंत्योदय योजना, संस्था की स्मारिका और स्वास्थ्य जन चेतना के कार्य शुरू करने की प्रतिबद्धता की। अंत में, नवनिर्वाचित महामंत्री केदार हेड़ा (इंदौर) ने सभी अतिथियों, भामाशाहों और सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में रचनात्मक और जन उपयोगी कार्यक्रम करने का संकल्प दोहराया।



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