धमतरी में विधायक ने पकड़ी नहर किनारे अवैध सड़क:शासकीय भूमि पर एक किलोमीटर तक फैला निर्माण, अधिकारियों पर रिश्वत का आरोप

धमतरी में विधायक ने पकड़ी नहर किनारे अवैध सड़क:शासकीय भूमि पर एक किलोमीटर तक फैला निर्माण, अधिकारियों पर रिश्वत का आरोप




छत्तीसगढ़ के धमतरी में विधायक ओंकार साहू ने शासकीय भूमि पर नहर किनारे बनाई गई एक अवैध मुरुम सड़क का निरीक्षण किया। यह सड़क बाईपास से लगे मुजगहन खार क्षेत्र में मिली, जहां भू-माफियाओं द्वारा बिना अनुमति के एक किलोमीटर से अधिक लंबी सड़क का निर्माण किया गया था। निरीक्षण के दौरान विधायक साहू को नहर किनारे और कृषि भूमि पर अवैध रूप से बिछाई गई मुरुम की सड़क मिली। इस अवैध निर्माण के प्रवेश द्वार पर बांस और बल्लियों से एक बैरिकेड भी लगाया गया था, जिसे पार करने के बाद ही अवैध सड़क तक पहुंचा जा सकता था। विधायक ने अधिकारियों पर लगाया रिश्वत लेने का आरोप विधायक ओंकार साहू ने इस मामले में अधिकारियों पर भू-माफियाओं से मोटी रकम लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। निरीक्षण के समय पटवारी, तहसीलदार और थाना प्रभारी भी मौके पर मौजूद थे। विधायक ने बताया कि निगम की सड़क पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है, जिसके लिए सिंचाई विभाग की नहर की भूमि पर कब्जा कर लगभग एक किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई है। बाद में पता चला कि यहां फार्महाउस या प्लाटिंग की जा रही है, जिसके लिए कुल दो से ढाई किलोमीटर तक मुरुम बिछाया गया है। इस घटना से सिंचाई विभाग की कार्यप्रणाली और नहरों की देखरेख पर भी सवाल उठ रहे हैं। अवैध प्लाटिंग पर विधायक ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप विधायक ने बताया कि तहसीलदार मौके पर पहुंचे और कहा कि खेती की जमीन पर किसी भी तरह का मुरुम नहीं डाला जा सकता और न ही सड़क बनाई जा सकती है। इसके लिए पहले अनुमति लेना जरूरी है। विधायक ने आरोप लगाया कि मंत्री के आदेशों का पालन धमतरी के अधिकारियों द्वारा नहीं किया जा रहा है और इसे जिले की दुर्दशा बताया। उन्होंने कहा कि यह शुरुआत है और वह धमतरी के कई जगहों पर जाकर निरीक्षण करेंगे कि कहां-कहां अवैध प्लाटिंग हो रही है। विधायक ने की एफआईआर की मांग विधायक ने कहा कि वह एफआईआर दर्ज कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व, इरीगेशन और निगम को इस अवैध काम से नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों को इसके लिए मोटी रकम मिल चुकी है, इसलिए वे चुप बैठे हैं। अधिकारियों को पूरी जानकारी है कि अवैध प्लाटिंग कहां हो रही है और कहां नहीं। तहसीलदार कुसुम प्रधान ने बताया कि विधायक ने आरोप लगाया कि एक निजी व्यक्ति ने शासकीय रोड पर सड़क बना दी है, जिसकी जांच की जाएगी। तहसीलदार ने कहा कि अगर शासकीय जमीन में सड़क बनानी है तो इसके लिए पहले अनुमति लेना जरूरी है।



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