भास्कर अपडेट्स:तृणमूल कांग्रेस ने बैंक खाते फ्रीज करने के ED के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, 3 अगस्त को सुनवाई

भास्कर अपडेट्स:तृणमूल कांग्रेस ने बैंक खाते फ्रीज करने के ED के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, 3 अगस्त को सुनवाई




तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पार्टी के 3 बैंक खाते फ्रीज करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई 3 अगस्त को न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और प्रसन्ना बी. वराले की पीठ करेगी। ED का आरोप है कि पार्टी के एक बैंक खाते से 133.84 करोड़ रुपए एक प्राइवेट कंपनी को ट्रांसफर किए गए। एजेंसी का दावा है कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। इससे पहले टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया था, लेकिन अदालत ने अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। आज की अन्य बड़ी खबरें… वर्षा अगलावे बनीं GSI की चीफ, 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को मिली कमान भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के 176 साल के इतिहास में पहली बार किसी महिला को महानिदेशक बनाया गया है। वर्षा अशोक अगलावे ने शुक्रवार को संस्थान की 54वीं महानिदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने असित साहा का स्थान लिया, जिन्होंने दो साल तक इस पद पर कार्य किया। जीवाश्म विज्ञान (पैलियंटोलाजी) की विशेषज्ञ वर्षा को भूविज्ञान के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। भारतीय खान ब्यूरो (आइबीएम) में कार्य करने के बाद वह 1992 में जीएसआइ से जुड़ी थीं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान DGAO रहे एयर मार्शल भारती रिटायर भारतीय वायुसेना (IAF) के एयर मार्शल एके भारती शुक्रवार को डिप्टी चीफ ऑफ एयर स्टाफ के पद से सेवानिवृत्त हो गए। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वह डायरेक्टर जनरल एयर ऑपरेशंस (DGAO) थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। एयर मार्शल भारती मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर पर हुई तीनों सेनाओं की संयुक्त मीडिया ब्रीफिंग का प्रमुख चेहरा रहे थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों, जिनमें अधिकांश पर्यटक थे, की मौत के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में नौ आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए गए थे। सरकार के अनुसार, इस कार्रवाई में कम से कम 100 आतंकवादी मारे गए थे। 53 साल बाद खाली होगी जम्मू यूनिवर्सिटी की जमीन, सेना के कब्जे में थी केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्रालय के जरिए भूमि अदला-बदली (लैंड एक्सचेंज) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही जम्मू विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर से सटी 147 कनाल से अधिक जमीन से सेना के हटने का रास्ता साफ हो गया है। यह जमीन पिछले पांच दशक से अधिक समय से सेना के कब्जे में थी। मंजूर प्रस्ताव के तहत जम्मू-कश्मीर प्रशासन सेना को नगरोटा तहसील में 2,062 कनाल 17 मरला और जम्मू तहसील में 62 कनाल जमीन देगा। इसके बदले सेना विश्वविद्यालय परिसर से सटी अपने कब्जे वाली जमीन खाली करेगी। यह जमीन 1973 में तत्कालीन राज्य सरकार ने जम्मू विश्वविद्यालय को आवंटित की थी। हालांकि इसका एक हिस्सा सेना के कब्जे में बना रहा। इस मामले को सालों तक विश्वविद्यालय प्रशासन और तत्कालीन राज्य सरकार अलग-अलग स्तर पर उठाते रहे।



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