मणिशंकर अय्यर बोले- मैं गांधियन-राजीवियन हूं, राहुलियन नहीं:वे राजनीतिक जीवन में मुझसे बहुत दूर; इंदिरा ने इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र को तानाशाही में बदला

मणिशंकर अय्यर बोले- मैं गांधियन-राजीवियन हूं, राहुलियन नहीं:वे राजनीतिक जीवन में मुझसे बहुत दूर; इंदिरा ने इमरजेंसी लगाकर लोकतंत्र को तानाशाही में बदला




कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह गांधियन, नेहरूवियन और राजीवियन हैं, लेकिन ‘राहुलियन’ नहीं हैं। मणिशंकर ने अपने पुराने बयान पर विवाद को स्पष्ट करते हुए कहा- राहुल गांधी मुझसे करीब 30 साल छोटे हैं। मुझे उनके साथ काम करने का मौका नहीं मिला। इसलिए मैं खुद को राहुलवादी कैसे कह सकता हूं? न्यूज एजेंसी PTI से बातचीत में कांग्रेस नेता ने आगे कहा- राहुल राजनीतिक जीवन में मुझसे बहुत दूर हैं। मैं खुद को इंदिरावादी भी नहीं कहता, क्योंकि उनके इमरजेंसी घोषित किए जाने के फैसले से असहमत हूं। उनका लोकतंत्र को 18 महीनों के लिए तानाशाही में बदलना मुझे मंजूर नहीं था। अय्यर की ये टिप्पणियां कांग्रेस के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच आई हैं। विवाद की शुरुआत 16 फरवरी को हुई जब उन्होंने एक मीडिया चैनल से बातचीत में कहा कि INDIA ब्लॉक को मजबूत करने के लिए एमके स्टालिन सबसे सही नेता हैं, जबकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। अय्यर ने कहा- महात्मा गांधी ने गोद में उठाया था पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब वे छह साल के थे और उनके भाई चार साल के, तब महात्मा गांधी ने उन्हें गोद में उठाकर कहा था कि ये मेरी आंखों के सूरज और चांद हैं। उसी समय से वे खुद को गांधीवादी मानने लगे। उन्होंने आगे कहा कि जब जवाहर लाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बने, तब वे छह साल के थे और 23 साल के होने तक नेहरू प्रधानमंत्री रहे। इसलिए उनके पूरे बचपन और युवावस्था पर नेहरूवादी सोच का गहरा असर पड़ा, और वे खुद को नेहरूवादी भी मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद को राजीववादी कहते हैं, क्योंकि राजीव गांधी ही थे जिन्होंने उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में काम करने का मौका दिया। राजीव गांधी उनसे दो साल छोटे थे, लेकिन उनके कामों से वे बहुत प्रभावित हुए। इसी वजह से वे खुद को राजीववादी बताते हैं। विजयन पर बयान के बाद शुरू हुआ विवाद अय्यर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उनके कांग्रेस पार्टी के साथ संबंध ठीक नहीं चल रहे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने रविवार को तिरुवनंतपुरम में भरोसा जताया कि पिनाराई विजयन केरल के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। वे अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में बोल रहे थे जिसके आयोजक कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता थे। अय्यर ने कहा कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में जिनके बारे में उन्हें भरोसा है कि वे अगली बार भी मुख्यमंत्री बनेंगे- वे अपनी अपील दोहरा रहे हैं कि केरल को देश का सबसे बेहतरीन पंचायती राज राज्य बनाया जाए। इसके लिए राज्य के कानूनों में बदलाव किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये बदलाव ज़मीनी अनुभव, थॉमस इसॉक की समझ, उनकी अपनी अध्यक्षता में तैयार की गई पांच खंडों वाली रिपोर्ट और नीति आयोग द्वारा जारी वी. रामचंद्रन के जिला योजना संबंधी नोट के आधार पर होने चाहिए, जब आयोग सच में पंचायती राज का समर्थन करता था। कांग्रेस ने अय्यर के बयान से खुद को अलग कर लिया। पार्टी ने कहा कि पिछले कुछ सालों से उनका पार्टी से कोई संबंध नहीं है और वे जो भी बोलते या लिखते हैं, वह उनकी निजी राय है। पार्टी ने यह भी कहा कि केरल की जनता ज़्यादा ज़िम्मेदार और जवाबदेह शासन के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रटिक फ्रंट (UDF) को फिर से सत्ता में लाएगी। सोमवार को अय्यर ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर तीखा हमला बोला। उससे एक दिन पहले उन्होंने कहा था कि लेफ्ट डेमोक्रटिक फ्रंट (LDF), जिसका नेतृत्व पिनाराई विजयन कर रहे हैं, केरल में दोबारा सत्ता में बना रहेगा। ———————-
ये खबर भी पढ़ें: मणिशंकर अय्यर बोले- थरूर विदेश मंत्री बनना चाहते हैं:मैं गांधीवादी-नेहरूवादी हूं, राहुलवादी नहीं; पवन खेड़ा को जयराम रमेश का तोता बताया कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने सोमवार को कहा कि INDIA ब्लॉक को मजबूत करने के लिए एमके स्टालिन सबसे सही नेता हैं, जबकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन सकते हैं। अय्यर ने कहा कि राहुल भूल गए हैं कि मैं पार्टी का मेंबर हूं। इसलिए मैं गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हूं लेकिन राहुलवादी नहीं हूं। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!