मरवाही में प्रशासन ने रोका नाबालिग का बाल विवाह:16 वर्षीय बालिका की शादी रुकवाई, परिवार को दी काउंसलिंग
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही ब्लॉक में प्रशासन की सक्रियता से एक नाबालिग बालिका का बाल विवाह रुकवा दिया गया। यह घटना ग्राम पंचायत धुम्माटोला बहरी झोरकी की है। जिला चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से एक नाबालिग के विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उच्च अधिकारियों को सूचित किया। जिला कार्यक्रम अधिकारी (महिला एवं बाल विकास विभाग) अमित सिन्हा के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी बीरेंद्र कुर्रे ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम में ब्लॉक परियोजना अधिकारी, सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि, जिला बाल संरक्षण इकाई के सदस्य और थाना मरवाही की पुलिस टीम शामिल थी। नाबालिग लड़की 16 साल 9 महीने की थी टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्राम पंचायत के सरपंच और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति में बालिका के आयु संबंधी दस्तावेजों और अंकसूची की जांच की। जांच में सामने आया कि बालिका की आयु 16 वर्ष 9 माह 22 दिन थी, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत निर्धारित 18 वर्ष की कानूनी आयु से कम है। प्रशासन की समझाइश टीम के सदस्यों ने बालिका के परिवार के सदस्यों को कानून की गंभीरता समझाई। उन्हें बताया गया कि कम उम्र में विवाह करना कानूनी अपराध होने के साथ-साथ बालिका के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए भी हानिकारक है। प्रशासन की समझाइश और कानूनी प्रावधानों की जानकारी के बाद परिवार ने अपनी गलती स्वीकार की। अधिकारियों ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और परिवार से शपथ पत्र/घोषणा पत्र भरवाया, जिसमें उन्होंने बालिका का विवाह कानूनी आयु पूर्ण होने के बाद ही करने का संकल्प लिया।
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