मोगा कोर्ट ने बाइक चोरी के आरोपी को बरी किया:सबूतों के अभाव में युवक को राहत, एसीजेएम ने संदेह का दिया लाभ
मोगा जिले में करीब दो साल पुराने मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट पुष्पा रानी की कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया है। कोर्ट ने सबूतों और गवाहों के अभाव को देखते हुए यह फैसला सुनाया। बता दे कि यह मामला करीब दो साल पहले का है। जहां थाना सदर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान गांव डगरू की ओर से आ रहे एक बाइक सवार को संदेह के आधार पर रोका था। पुलिस द्वारा बाइक के दस्तावेज मांगने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। चोरी की बाइक से साथ हुआ था गिरफ्तार सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की थी। पुलिस ने मौके पर ही मोटरसाइकिल सहित उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान गुरकरनैल सिंह उर्फ काका उर्फ निक्का निवासी गांव डगरू के रूप में हुई थी। थाना सदर पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया था। सबूत के अभाव में किया बरी मामले की सुनवाई के दौरान, आरोपी पक्ष की ओर से एडवोकेट अमित मित्तल ने कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत और पर्याप्त गवाह पेश करने में विफल रहा है। संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश सुनाया दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, कोर्ट ने पाया कि आरोपी के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसके चलते, कोर्ट ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का आदेश सुनाया। इस फैसले के साथ ही मामले का निपटारा हो गया है।
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