विश्वामित्र सेना ने मनाया स्थापना दिवस:बक्सर के विकास और सनातन संस्कृति के लिए संघर्ष का संकल्प
बक्सर में सनातन संस्कृति, धर्म और सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित संगठन विश्वामित्र सेना ने गुरुवार को अपना पहला स्थापना दिवस समारोह मनाया। इस अवसर पर संगठन ने बक्सर के विकास और सनातन चेतना के प्रसार के लिए अपने निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया। स्थापना दिवस समारोह भक्तिपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। विभिन्न कलाकारों ने रामभक्ति, शिवभक्ति और सनातन परंपराओं से जुड़े भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे उपस्थित श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में विश्वामित्र सेना के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में बक्सरवासी मौजूद रहे। विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजकुमार चौबे ने अपने संबोधन में संगठन की एक वर्ष की यात्रा पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इस अवधि में संगठन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन विश्वामित्र सेना ने अपने संकल्प को बनाए रखा। उन्होंने सेवा शिविरों, सामूहिक जनेऊ संस्कार, सामूहिक विवाह, धार्मिक अनुष्ठानों और रामनवमी पर हेलिकॉप्टर से पुष्प वर्षा जैसे आयोजनों के माध्यम से सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का उल्लेख किया। श्री चौबे ने दावा किया कि विश्वामित्र सेना की आवाज सरकार तक पहुंची है और बक्सर के लिए कई महत्वपूर्ण सौगातें सुनिश्चित हुई हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बक्सर को जिस स्तर पर होना चाहिए, वह अभी नहीं है और इसके लिए लंबा संघर्ष जारी रहेगा। संगठन की प्रमुख मांगों में विश्वामित्र कॉरिडोर का निर्माण, बक्सर का काशी और अयोध्या की तर्ज पर विकास, बक्सर में एयरपोर्ट का निर्माण और वामन अवतार को जेल से मुक्त करने जैसी मांगें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में विश्वामित्र सेना बक्सर में सनातन संस्कृति के उत्थान और विकास के लिए अपने प्रयास जारी रखेगी। स्थापना दिवस समारोह ने यह संदेश दिया कि संगठन भविष्य में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाएगा।
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