शाहजहांपुर में SI भर्ती परीक्षा संपन्न, मिलीजुली प्रक्रिया:अभ्यर्थियों ने पेपर को आसान बताया, जीएस करने वालों की उम्मीद ज्यादा

शाहजहांपुर में SI भर्ती परीक्षा संपन्न, मिलीजुली प्रक्रिया:अभ्यर्थियों ने पेपर को आसान बताया, जीएस करने वालों की उम्मीद ज्यादा




शाहजहांपुर में सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती परीक्षा का दूसरा दिन है। पहली पाली की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा देकर बाहर निकले कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर को आसान बताया, जबकि कुछ ने इसे उलझाने वाला करार दिया। अभ्यर्थियों की प्रतिक्रिया मिलीजुली रही। कई परीक्षार्थियों ने सामान्य ज्ञान (जीएस) को कठिन बताया और कहा कि जो अभ्यर्थी जीएस में अच्छा प्रदर्शन करेगा, वही सफल होगा। वहीं, कुछ ने गणित के सवालों को उलझाने वाला बताया और समय प्रबंधन को भी एक चुनौती बताया। परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षा केंद्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी परीक्षा पर नजर रखी जा रही है, जिसका अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं। आर्य महिला इंटर कॉलेज भी एक परीक्षा केंद्र था, जहां पहली पाली के दौरान अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया गया। परीक्षा केंद्र के बाहर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें नाली के पास कुछ कलावे (हाथ में बांधे जाने वाले धागे) फेंके हुए दिख रहे हैं। जानकारी के अनुसार, ये वही कलावे हो सकते हैं जो अभ्यर्थी अपने हाथों में पहने थे। हालांकि, ये कलावे आज ही काटे गए हैं या पुराने हैं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। कन्नौज से आए अभ्यर्थी शिवम यादव ने बताया कि पेपर सामान्य था और उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। उन्होंने कहा कि जीएस का खंड कठिन था और जो इसे हल कर लेगा, वही सफल होगा। शिवम ने पुलिस प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना भी की। सीतापुर के अभ्यर्थी अखिलेश ने पेपर को उलझाने वाला बताया, लेकिन कहा कि कुछ सवाल सरल भी थे। उनके अनुसार, जीएस ठीक थी, लेकिन गणित के प्रश्न उलझाने वाले थे। रीजनिंग सामान्य थी, और समय प्रबंधन एक बड़ी समस्या रही। एक अन्य अभ्यर्थी विशाल वाजपेयी ने पेपर को बहुत सरल बताया। उन्होंने कहा कि इसमें बहुत सीधे सवाल पूछे गए थे। एसपी सिटी देवेंद्र सिंह ने बताया कि शाहजहांपुर में कलावे नही काटे गए ।उन्होने कहा कि हो सकता है अभ्यर्थियों ने खुद ही सुरक्षा को देखते हुए कलावे हटा दिए हों, तमाम सोशल मीडिया पर नियम पोस्ट किए जाते हैं, तो हो सकता है कि अभ्यर्थियों ने खुद ही उसको निकालकर फेंक दिया हो। उन्होंने कहा कि ये भी हो सकता है कि वहां पर फेंके गए कलावे एग्जाम से संबधित न हों।



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