संतकबीरनगर में प्रसव ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत:परिजनों का आरोप- पेट में छूट गया था गॉज पैड; जांच के बाद न्यू केयर हॉस्पिटल सील
संतकबीरनगर के मेंहदावल स्थित न्यू केयर हॉस्पिटल में प्रसव के ऑपरेशन के बाद जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में गॉज पैड छूट गया था। करीब दो महीने तक पेट दर्द से परेशान रहने के बाद बस्ती के कैली अस्पताल में जांच कराई गई, जहां परिजनों के मुताबिक पेट में गॉज पैड होने की जानकारी सामने आई। स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद न्यू केयर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी गई है। ऑपरेशन के बाद नवजात की हालत बिगड़ी, रास्ते में मौत बेलहर थाना क्षेत्र के जंगल दशहर देवघाट निवासी हरिगोविंद की 38 वर्षीय पत्नी विनीता देवी करीब दो महीने पहले नौ महीने की गर्भवती थीं। प्रसव के लिए परिवार उन्हें मेंहदावल के न्यू केयर हॉस्पिटल लेकर पहुंचा था। यहां डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन किया। परिजनों के मुताबिक, ऑपरेशन के बाद नवजात की हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए बच्चे को पहले जिला अस्पताल और फिर गोरखपुर रेफर कर दिया। परिवार नवजात को लेकर गोरखपुर जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। दो महीने तक नहीं थमा पेट का दर्द नवजात की मौत के बाद परिवार पहले से परेशान था। इसी बीच ऑपरेशन के बाद विनीता के पेट में लगातार दर्द बना रहा। पति हरिगोविंद के मुताबिक, शुरुआत में परिवार ने इसे सामान्य समस्या मानकर स्थानीय स्तर पर इलाज कराया, लेकिन करीब दो महीने तक दवाएं चलने के बावजूद दर्द कम नहीं हुआ। इसके बाद परिवार विनीता को बस्ती स्थित कैली अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड, एमआरआई समेत कई जांच कराईं। परिजनों का दावा- जांच में पेट में मिला गॉज पैड परिजनों का दावा है कि जांच में विनीता के पेट के अंदर गॉज पैड होने की जानकारी सामने आई। परिवार ने आरोप लगाया कि यह गॉज पैड मेंहदावल के न्यू केयर हॉस्पिटल में प्रसव के दौरान हुए ऑपरेशन के समय पेट के अंदर रह गया था। इसके बाद कैली अस्पताल में विनीता का दोबारा ऑपरेशन किया गया और पेट के अंदर से गॉज पैड निकाला गया। कुछ समय तक इलाज चलने के बाद उनकी हालत फिर बिगड़ने लगी। इलाज के दौरान विनीता ने तोड़ा दम परिजनों के अनुसार, हालत लगातार बिगड़ने के बावजूद विनीता का इलाज जारी रहा। शनिवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने पहले ऑपरेशन करने वाले न्यू केयर हॉस्पिटल पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पति हरिगोविंद का कहना है कि यदि ऑपरेशन के दौरान गॉज पैड पेट के अंदर नहीं छूटा होता तो विनीता को दोबारा ऑपरेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ती। नवजात के अंतिम संस्कार को लेकर भी आरोप परिजनों ने नवजात की मौत के बाद अस्पताल के जिम्मेदार लोगों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बच्चे की मौत के बाद परिजनों की सहमति के बिना ही उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। इस आरोप को लेकर भी परिवार ने जांच और कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर कार्रवाई की मांग रविवार को विनीता के परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने न्यू केयर हॉस्पिटल के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने विनीता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और स्वास्थ्य विभाग की जांच के आधार पर ही विनीता की मौत की वास्तविक वजह और अस्पताल की कथित लापरवाही के बीच संबंध की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने हॉस्पिटल सील किया मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गठित की गई थी। टीम ने मामले की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी। जांच के बाद न्यू केयर हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब पुलिस मामले से जुड़े मेडिकल दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
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