सटोरी बाबू खेमानी के घर पुलिस की रेड:विदेशी नेटवर्क से कनेक्शन की जांच,दस्तावेज-डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले; एसीसीयू-गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने मारा छापा

सटोरी बाबू खेमानी के घर पुलिस की रेड:विदेशी नेटवर्क से कनेक्शन की जांच,दस्तावेज-डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले; एसीसीयू-गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने मारा छापा




रायपुर में ऑनलाइन सट्टा ऐप ‘3 Stumps’ से जुड़े बड़े नेटवर्क पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले के कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी के टाटीबंध स्थित घर पर शुक्रवार को पुलिस ने बड़ी रेड मारी। कार्रवाई एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। छापेमारी के दौरान मौके पर डीएसपी, टीआई समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। विदेशी नेटवर्क से जुड़े होने का इनपुट मिला जांच अधिकारियों के अनुसार बाबू खेमानी के विदेशी नेटवर्क से जुड़े अहम इनपुट मिले थे। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन सट्टे के इस नेटवर्क के तार देश के बाहर तक जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इसी एंगल से जांच कर रही है। पुलिस टीम पिछले तीन घंटे से ज्यादा समय तक घर के अंदर मौजूद रही और वहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, मोबाइल, लैपटॉप और अन्य रिकॉर्ड खंगालती रही। आशंका है कि इन दस्तावेजों से सट्टा कारोबार में शामिल अन्य लोगों, करोड़ों के लेन-देन और विदेशी कनेक्शन का खुलासा हो सकता है। करोड़ो रुपए का लेन-देन हुए ‘3 Stumps’ एप में जानकारी के अनुसार, ‘3 Stumps’ एप के जरिए बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा था। इस ऐप के माध्यम से करोड़ों रुपए के लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की है। रेड के दौरान दस्तावेज-इलेक्ट्रानिक गैजेक्ट पुलिस ने जब्त किया है। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी है। रायपुर में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ यह अब तक की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। पढ़े कौन है बाबू खेमानी बाबू खेमानी रायपुर का रहने वाला एक कथित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है, जिस पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के बड़े नेटवर्क को ऑपरेट करने का आरोप है। रायपुर पुलिस के मुताबिक वह ‘3 STUMPS’ नाम के ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म/ऐप का कथित मास्टरमाइंड है, जिसके जरिए खासकर IPL मैचों पर सट्टा खिलाया जा रहा था। जांच में सामने आया है कि बाबू खेमानी और उसके साथियों ने रायपुर, मुंबई, पुणे, गोवा और भुवनेश्वर जैसे शहरों में पैनल ऑपरेटर्स का नेटवर्क बना रखा था। पुलिस का दावा है कि वह सोशल मीडिया, खासकर Instagram, WhatsApp और Telegram के जरिए युवाओं को जोड़ता था। “आसान कमाई” और “बड़े रिटर्न” का लालच देकर लोगों को बेटिंग प्लेटफॉर्म तक लाया जाता था। सूत्रों के मुताबिक, सट्टे के पैसों के लेन-देन के लिए फर्जी/म्यूल बैंक अकाउंट, UPI और डिजिटल वॉलेट्स का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि ट्रांजैक्शन ट्रैक करना मुश्किल हो। करोड़ों रुपए के लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। रायपुर पुलिस ने 13 अप्रैल 2026 को उसके खिलाफ FIR दर्ज की थी। बाद में मुंबई, गोवा और दूसरे राज्यों में कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को पकड़ा गया। अब पढ़े बाबू खेमानी किस तरह से करता था काम

दुबई कनेक्शन और ललित मोदी से मुलाकात जांच के दौरान बाबू खेमानी के नेटवर्क का एक अहम पहलू उसका दुबई कनेक्शन भी सामने आया है, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस की पूछताछ और जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, खेमानी की विदेश यात्राएं सिर्फ घूमने-फिरने तक सीमित नहीं थीं, बल्कि उसके संपर्कों का दायरा देश से बाहर तक फैला हुआ था। ऐसा माना जा रहा है कि दुबई प्रवास के दौरान बाबू खेमानी की मुलाकात आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित से भी हुई थी। खेमानी सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी शेयर किया है। ललित मोदी वही शख्स हैं, जिन्होंने भारत में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत की और क्रिकेट के इस फॉर्मेट को एक बड़े व्यावसायिक मॉडल में बदला। हालांकि, इस मुलाकात का ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है और जांच एजेंसियां इस पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। लेकिन इस इनपुट के सामने आने के बाद पुलिस ने बाबू खेमानी के इंटरनेशनल कनेक्शन, विदेश यात्राओं और संभावित नेटवर्क को लेकर जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित के साथ बाबू खेमानी। खुद को ‘सेलिब्रिटी’ समझता था खेमानी पूरे मामले में जांच के दौरान एक और दिलचस्प पहलू सामने आया है बाबू खेमानी खुद को एक ‘सेलिब्रिटी’ की तरह प्रोजेक्ट करता था। बाबू का असली नाम गुलशन खेमानी है लेकिन बाबू खेमानी के नाम से ही उसे पॉपुलेरिटी मिली। सोशल मीडिया पर उसकी मौजूदगी सिर्फ एक्टिव रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि एक सोची-समझी इमेज बिल्डिंग का हिस्सा थी। वह लगातार हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल को दिखाने वाले पोस्ट करता था महंगी कारें, विदेश यात्राएं, पार्टियां और नेटवर्किंग ताकि फॉलोअर्स के बीच उसकी एक सफल और प्रभावशाली व्यक्ति की छवि बन सके। इस दिखावे के जरिए वह खुद को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर पेश करता था, जिसने कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है। जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वह अपने फॉलोअर्स के बीच सिर्फ एक आम इंफ्लुएंसर नहीं, बल्कि एक ‘बड़ा नाम’ बनकर उभरना चाहता था। इसी इमेज को मजबूत करने के लिए उसने क्रिकेट, खासकर आईपीएल से जुड़ा एक अलग एंगल तैयार किया। बताया जा रहा है कि वह आईपीएल मैचों के दौरान “प्रिडिक्शन” के नाम पर लोगों को जोड़ता था और खुद को एक एक्सपर्ट के रूप में प्रेजेंट करता था। आसान भाषा में कहें तो वह खुद को ऐसा व्यक्ति दिखाता था, जिसे मैच का अंदरूनी समझ है और जो सटीक अनुमान लगाकर पैसा कमा सकता है। इसी के जरिए वह लोगों को आसान कमाई का लालच देता था। प्रिडिक्शन और टिप्स के नाम पर फॉलोअर्स को अपने टेलीग्राम लिंक से जोड़ता था, जहां से आगे उन्हें सट्टा नेटवर्क में एंट्री दी जाती थी।



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