12वीं बोर्ड का हिंदी पेपर निरस्त,स्टूडेंट बोले-हम तनाव में:कुछ लोगों की गलती का खामियाजा पूरे छात्र भुगत रहे, NSUI ने अधिकारियों से मांगा इस्तीफा
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने पेपर लीक के दावे के बीच 12वीं बोर्ड की हिंदी की परीक्षा रद्द कर दी है। अब हिंदी की परीक्षा 10 अप्रैल को दोबारा आयोजित की जाएगी। जिससे छात्र तनाव में है।उनकी परेशानी और बढ़ गई है। छात्रों का कहना है कि कुछ लोगों की गलती का खामियाजा पूरे प्रदेश के स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ रहा है। मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्ले ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान दोबारा परीक्षा की तैयारियों, नए प्रश्न पत्र तैयार करने और परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जरूरी निर्देश दिए गए। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान अध्यक्ष ने पेपर लीक जैसी गंभीर लापरवाही को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी भी जताई। ‘पेपर लीक छात्रों के साथ अत्याचार’ छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि, हर बार पेपर लीक के पीछे अंदरूनी सिस्टम की कमजोरी सामने आती है। सरकार को अगर इस तरह की घटनाएं रोकनी हैं, तो परीक्षा से जुड़े कर्मचारियों की जवाबदेही तय करनी होगी और स्थायी व्यवस्था बनानी होगी। पेपर लीक होना सीधे-सीधे छात्रों के साथ अन्याय और मानसिक अत्याचार है। NSUI ने उठाई इस्तीफे की मांग इस मामले में NSUI छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने मंडल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के विरोध में पहले ही माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव किया गया था, इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यदि मंडल के अधिकारी दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पुलिस की जांच जारी, टीम गठित रायपुर के एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल (सेंट्रल जोन) ने बताया कि, मंडल की रिपोर्ट के आधार पर कोतवाली थाने में FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की गई है। कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ की गई है। महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। पुलिस के पास कुछ सबूत मौजूद हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। सिस्टम पर उठे सवाल, जवाब का इंतजार छात्रों के परिजनों के कहा कि, परीक्षा की तैयारी के बाद अचानक दोबारा परीक्षा की घोषणा ने बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी असर डाला है। कई परिजनों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि दोषियों पर कार्रवाई के बजाय छात्रों को ही सजा मिल रही है। बताया जा रहा है कि, छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड स्तर पर इस तरह पेपर लीक का यह पहला बड़ा मामला है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन अब तक मुख्य आरोपियों तक पहुंच नहीं हो सकी है।
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