Cleanliness is poor in 18 wards of the city, supervisors in charge are posted. | स्वच्छता सर्वेक्षण-2025: शहर के 18 वार्डों में साफ-सफाई कमजोर, प्रभारी पर्यवेक्षक तैनात – Patna News
स्वच्छता सर्वेक्षण-2025 में पटना शहर को टॉप-10 में स्थान दिलाने के लिए नए सिरे से रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इसके तहत ऐसे वार्डों की पहचान की जा रही है, जहां साफ-सफाई कमजोर है। पहले चरण में 18 वार्डों की पहचान हुई है, जहां पर साफ-सफाई की व्यवस्था म
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स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में पटना को 21वां स्थान मिला था। इसके अलावा, 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों की श्रेणी में पटना को स्वच्छता में राज्य में पहली रैंकिंग मिली थी। वहीं सर्वेक्षण-2023 में 25वें नंबर पर पटना था। ऐसे में साल दर साल पटना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अब सर्वेक्षण-2025 की चुनौतियों के तहत पटना नगर निगम प्लानिंग कर इसे जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है।
गंगा घाटों पर बढ़ेंगी सुविधाएं
गंगा घाटों को नए सिरे से विकसित किया जा रहा है। दीघा से लेकर दीदारगंज तक 20 किमी में गंगा घाटों पर बेसिक सुविधाओं के साथ साफ-सफाई को पुख्ता किया जाएगा। पिछली बार देशभर में गंगा किनारे के 88 शहरों वाले नगर निकायों में पटना को चौथा स्थान प्राप्त हुआ था, जबकि उससे पहले यह छठे स्थान पर था। इसे बेहतर बनाने पर काम होगा।
इन वार्डों में सफाई पर्यवेक्षक तैनात : पटना सिटी अंचल में रोहित कुमार को वार्ड 69ए, शुभम कुमार को 70ए, अनिश कुमार को 72सी और रितेश कुमार रंजन को 72डी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नूतन राजधानी अंचल में ओमप्रकाश राम को वार्ड 13बी, अनुराग कुमार को वार्ड 19सी, अजीमाबाद अंचल में गोविंद कुमार को वार्ड 57ए, सौरभ कुमार को 63इ तथा विजय कुमार यादव को वार्ड 65सी, बांकीपुर अंचल में अमित कुमार को वार्ड 41सी, अविनाश कुमार को 47इ, रविरंजन कुमार को 49डी, नवनीत कुमार को 50ए व नागेंद्र कुमार को वार्ड 51ई की जिम्मेवारी दी गई है। कंकड़बाग अंचल में निरंजन कुमार को वार्ड 45ए, कुन्दन कुमार को 55इ, मो फैयाज को रात्रि पाली में कार्यभार दिया गया है, जबकि अंचल स्तर से स्थानांतरण के तहत वार्ड 29ए और 29इ में भी पदस्थापन किया गया है।
जीएफसी रेटिंग में आगे आने की कवायद
जीएफसी (गार्बेज फ्री सिटी) में पटना को 3 स्टार रेटिंग पहली बार पिछले साल मिली थी। इस रेटिंग को और बेहतर किया जाएगा। इसके लिए डोर-टू-डोर कूड़ा उठाव की टाइमिंग को सुधारा जाएगा। जर्जर वाहनों के चलते समय पर कूड़ा का उठाव नहीं हो पा रहा है। इसके लिए निगम प्रशासन जल्द ही नए वाहन खरीदेगा। साथ ही वाहनों की निगरानी होगी।

