जबलपुर में किसानों ने उपज वापसी की मांग की:मूंग-उड़द का भुगतान 6 महीने से अटका, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पहुंचे किसान
मध्य प्रदेश के शहपुरा में मूंग और उड़द की फसल का भुगतान 6 महीने से अधिक समय से लंबित होने से आक्रोशित किसानों ने बुधवार को प्रदर्शन किया। हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर भेड़ाघाट स्थित एमएलटी मजीठा वेयरहाउस पहुंचे और अपनी उपज वापस दिलाने की मांग की। किसानों के अनुसार, शासन द्वारा ग्रीष्मकालीन मूंग-उड़द का उपार्जन सेवा सहकारी समिति बसेड़ी के माध्यम से एमएसपी दर पर एमएलटी वेयरहाउस मजीठा में कराया गया था। उपार्जन को पांच से छह माह बीत जाने के बावजूद किसानों को अब तक उनकी फसल का भुगतान नहीं मिला है, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। पीड़ित किसानों ने इससे पहले भी एसडीएम शहपुरा को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या बताई थी। उन्होंने खून से लिखा पत्र देकर भी भुगतान की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज किसानों ने अब स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन भुगतान नहीं कर सकता, तो उनकी उपज उन्हें वापस की जाए। पूरा मामला यह है कि मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ग्रीष्मकालीन फसल मूंग-उड़द का उपार्जन सहकारी समिति बसेड़ी के माध्यम से एमएलटी वेयरहाउस मजीठा में किया गया था। बाद में वेयरहाउस की जांच में अनियमितताएं और कम माल पाया गया, जिसके बाद समिति प्रभारी, वेयरहाउस संचालक और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ किसानों के साथ धोखाधड़ी और खरीदी में घोटाले को लेकर एफआईआर दर्ज की गई। अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप किसानों का आरोप है कि जांच में लगे कुछ अधिकारियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर किसानों को ही फर्जी बताने की साजिश रची है। इसी कारण करोड़ों रुपए का भुगतान आज तक अटका हुआ है, जिसका सीधा खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भुगतान या उपज वापसी को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे।
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