पानी की बोतल में दिखे 'हनुमान बेनीवाल':सदन में MLA बोले-'कोई बीमारी है क्या?' मैदान में 'धोती-कुर्ते वाला' क्रिकेटर

पानी की बोतल में दिखे 'हनुमान बेनीवाल':सदन में MLA बोले-'कोई बीमारी है क्या?' मैदान में 'धोती-कुर्ते वाला' क्रिकेटर




नमस्कार भारतीय जनता पार्टी के एक जिलाध्यक्ष महोदय को पानी की बोतल में हनुमान बेनीवाल नजर आ गए। तहसीलदार से आहत हुए एमएलए साहब हर जगह यही मुद्दा उठा रहे हैं। सदन में बगरू विधायक बोले-कोई बीमारी है क्या? वहीं जयपुर में किक्रेट के मैदान पर धोती-कुर्ता पहने खास क्रिकेटर ने सभी का ध्यान खींचा। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. विधायकजी ने खोला चौतरफा मोर्चा एक तहसीलदार की इतनी हिमाकत? कि सिटिंग एमएलए से जुबान-दराजी करे। विधायकजी सरकारी अमले की जेसीबी घरघराते देख उसे चुप कराने गए थे, उल्टे तहसीलदार ने ऐसे हड़काकर बात की कि जैसे किसी गांव की पंचायत का पंच आ गया हो। विधायकजी के सम्मान को चोट पहुंचाई। हालांकि, मौके पर ही आवाज बुलंद करने का प्रयास किया, लेकिन तब तक तहसीलदार रंग जमा चुका था। इसके बाद विधायक महोदय हर जगह एक ही बात कर रहे हैं-फलां तहसीलदार भ्रष्टाचारी है। उसने मेरे साथ ऐसा व्यवहार किया। मैं अपील करता हूं कि… समर्थकों ने धरने का प्लान बना लिया, लेकिन व्हिप जारी कर दी गई, तो धरना कैंसिल करने की अपील की। कहा-न्याय जरूर मिलेगा लेकिन मैं अपील करता हूं कि.. विधायकजी ने सदन में भी तहसीलदार का का मुद्दा उठाते हुए कहा-तहसीलदार ने अति कर रखी है। मैं अपील करता हूं कि.. फिर गृह राज्यमंत्री के पास पहुंच गए, बोले- एक विधायक के साथ ये चीजें बिल्कुल ठीक नहीं हैं। मैं अपील करता हूं कि.. 2. बगरू विधायक के विरोध का अंदाज युवाओं का बोलबाला है। सदन सीनियर नेताओं के मुंह से आदतन गाली निकल रही है। मंत्रीजी और पूर्वमंत्रीजी के बीच जुबानी जंग हो गई। लेकिन इस सबके बीच सदन में युवा विधायक भी अपनी मुहर लगा ही रहे हैं। सदन में बगरू विधायक कैलाश चंद्र वर्मा खड़े हुए। उन्होंने बिजली का मुद्दा उठाया। मुद्दों पर ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने जवाब दिया। जवाब से विधायक संतुष्ट भी नजर आ रहे थे। इस दौरान कुछ माननीय हो-हल्ला करने लगे। विधायकजी शांति से अपनी बात रख रहे थे। बीच-बीच में रोका-टाकी से वे उखड़ गए। उन्होंने हल्ला कर रहे माननीयों पर नाराजगी जाहिर कर दी। कहा- एक बार मेरा सवाल तो पूरा होने दो। आपकी समस्या क्या है। कुछ बोलते ही ‘हो-हो’ करने लगते हो। आपको कोई बीमारी है क्या? स्पीकर महोदय ने उन्हें अगले सवाल पर जाने के लिए कहा। लेकिन विधायकजी ने नाराजगी पूरी तरह जाहिर की- मंत्रीजी जवाब दे रहे हैं तो ‘हो’, कोई कुछ मुद्दा उठाए तो ‘हो’, ये क्या है, व्हाट इज दिस? बात तो विधायकजी ने सही कही। लेकिन जिस अंदाज में कही उस पर कई माननीय अपनी हंसी नहीं रोक सके। 3. बाड़मेर में किस्सा बोतल का मरुस्थलीय जिलों में आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) वाले मुखियाजी का दखल बढ़ रहा है। हर मुद्दे पर हनुमान बेनीवाल की डिमांड होने लगी है। बीकानेर में खेजड़ी का मुद्दा हो या फिर बाड़मेर में सीमांकन का। यही वजह है कि न तो कांग्रेस के नेता सहज नजर आ रहे हैं और न भाजपा के। कांग्रेस के गोविंद राम मेघवाल तो पहले ही अपने नेताओं को चेतावनी दे चुके हैं कि फील्ड में उतरो वरना रिक्त स्थान भर जाएगा। अब बाड़मेर में जिलाध्यक्ष महोदय ने कुछ ऐसा कर दिया कि आरएलपी की चर्चा हो गई। हुआ यूं कि बजट को लेकर जिलाध्यक्ष अनंतराम विश्नोई बीजेपी दफ्तर में प्रेसवार्ता कर रहे थे। पास में संगठन के दो नेता आईदान सिंह भाटी और दीपक कड़वासरा भी बैठे थे। जिलाध्यक्ष के सामने पानी की बोतल रखी हुई थी। बोतल हनुमान बेनीवाल की पार्टी का सिंबल। ऐसे में उन्होंने बोतल उठाकर कहा- हनुमान बेनीवाल को नीचे डाल देते हैं। उन्होंने बोतल उठाई और नीचे रख दी। पत्रकार ने टोका तो बात बदली- हम तो प्लास्टिक का बहिष्कार कर रहे हैं। इसलिए बोतल को साइड कर दिया। पत्रकार ने फिर कहा- मामला प्लास्टिक का हो या फिर हनुमान बेनीवाल का, आप दोनों को भूलते नहीं हैं। जिलाध्यक्षजी ने जवाब में ऊंची बात कह दी- नहीं भूलना ही अच्छी बात है, भूलने पर घमंड आ सकता है। 4. चलते-चलते सनातन के नाम पर बहुत कुछ होता है। अब क्रिकेट लीग होगी। इसका ट्रायल जयपुर में हुआ। बालाजी इंस्टीट्यूट के मैदान में धोती-कुर्ता पहने बल्लेबाज खूब रंग दिखा रहा था। जोर से बल्ला घुमा-घुमाकर चौके जड़े। घने काले और लंबे बालों वाला सफेद वस्त्रधारी यह बल्लेबाज थे कथावाचक देवीकीनंदन ठाकुर। अंपायर के खड़े होने की जगह कमंटेटर खड़े थे। माइक लेकर हर शॉट पर तारीफों के पुल बांध रहे थे। एक शॉट पर कमंटेटर ने कहा-ओहो, करारा शॉट, महाराज जी में अभिषेक शर्मा की आत्मा आ गई है। अगली दूसती-तीसरी गेंद पर महाराज जी की तीनों गिल्लियां धराशायी हो गईं। बैटिंग के बाद महाराज जी ने गेंदबाजी का भी जलवा दिखाया। कुल मिलाकर मैदान में एक ही बैट्समैन, एक ही बॉलर छाया रहा। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर। इनपुट सहयोग- राघवेंद्र गुर्जर (दौसा), विजय कुमार (बाड़मेर), स्मित पालीवाल (जयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..



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