हांसी पुलिस ने साइबर ठग को बिहार से किया गिरफ्तार:खुद को बताया बैंक कर्मचारी, ATM पिन की जानकारी लेकर निकाले 1.32 लाख
हांसी पुलिस ने नारनौंद के कोथकलां निवासी एक युवक से हुई साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बैंक कर्मचारी बनकर एटीएम पिन हासिल करने वाले आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 25 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक अमित यशवर्धन ने बताया कि साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत साइबर थाना हांसी में तैनात हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार की टीम ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोचा। साप्ताहिक किश्त को मासिक किश्त में बदलने का झांसा दिया शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार, निवासी कोथकलां, ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बैंक से लोन लिया हुआ था और उसकी साप्ताहिक किश्त कटती थी। 23 मार्च 2025 को उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए साप्ताहिक किश्त को मासिक किश्त में बदलने का झांसा दिया और कहा कि इससे ब्याज कम लगेगा। 1 लाख 32 हजार 500 रुपए निकाल लिए इसके बाद आरोपी ने व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल कर प्रदीप से उनके एटीएम पिन नंबर की जानकारी मांगी। झांसे में आकर प्रदीप ने अपना पिन साझा कर दिया। कुछ ही देर में उनके बैंक खाते से 1 लाख 32 हजार 500 रुपए निकाल लिए गए। बाद में जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि कॉल फर्जी थी और वह साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। आरोपी को बिहार के किया गया गिरफ्तार प्रदीप की शिकायत के आधार पर साइबर थाना हांसी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, पुलिस टीम ने आरोपी राकेश, निवासी बिहार, को बिहार राज्य से नियमानुसार गिरफ्तार किया। आरोपी गिरफ्तार, 25 हजार बरामद पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की गई राशि में से 25 हजार रुपए बरामद कर लिए हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल पर बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी, जैसे एटीएम पिन या ओटीपी, साझा न करें।
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