सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े 7 लाख की:कोरबा का मामला, फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया, पंचायत में 8 महीने काम भी कराया
कोरबा में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति से 7.40 लाख रुपये की ठगी कर ली गई है। दो लोगों ने मिलकर एक फर्जी फर्म बनाई। पंचायत विभाग में काम दिलाने का भरोसा दिलाया और ठगी कर ली। पैसे लेते हुए वीडियो भी सामने आया है। इसकी शिकायत एसपी से की गई है। कोरबा के रहने वाले योगेश कुमार ने बताया कि उसे पुरुषोत्तम कश्यप और पंकज बरेठ ने काम दिलाने का भरोसा दिलाया था। पुरुषोत्तम कश्यप बांकीमोंगरा, कोरबा में अपने घर से ‘निखिलम एसोसिएशन सोसायटी’ का संचालन कर रहा था, जहाँ वह सचिव के पद पर कार्यरत था। रायपुर में है फर्म का ऑफिस
फर्म का मुख्य कार्यालय रायपुर के रायपुरा स्थित डीडब्ल्यू इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में बताया गया था, जिसका प्रबंधन पंकज बरेठ करता था।योगेश कुमार ने बताया कि पुरुषोत्तम कश्यप से उसकी जान-पहचान हुई थी, जिसके बाद उसे पंचायती राज के अंतर्गत नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। रायपुर स्थित कार्यालय में मुलाकात के बाद, योगेश ने 15 जनवरी 2019 को बांकीमोंगरा कार्यालय में पुरुषोत्तम कश्यप और पंकज बरेठ को 3.50 लाख रुपये नकद दिए, जिसका वीडियो भी बनाया गया था। 24 जनवरी 2019 को दोनों ने योगेश के घर आकर 3.90 लाख रुपये और लिए। इस प्रकार कुल 7.40 लाख रुपये की ठगी की गई। पैसे लेने के बाद, फर्म के लेटर हेड पर योगेश को 19 दिसंबर 2018 की तारीख का ‘डिस्ट्रिक्ट को-ऑर्डिनेटर, जिला-कोरबा’ पद का नियुक्ति पत्र 29 जनवरी 2019 को दिया गया। फरार हैं ठग, शिकायत दर्ज
उसे दो-तीन महीने तक इंतजार करने को कहा गया। बाद में, उससे जांजगीर-चांपा जिले के अंतर्गत पंचायतों में दवा छिड़काव का काम आठ महीने तक करवाया गया, जिसके एवज में उसे मात्र 10,000 रुपये का वेतन दिया गया। शिकायतकर्ता योगेश कुमार के अनुसार, पंकज बरेठ और पुरुषोत्तम कश्यप दोनों अब फरार हैं। उनके फोन बंद आ रहे हैं और उनके घर तथा दफ्तरों पर ताले लगे हुए हैं। योगेश को आशंका है कि इन दोनों ने अन्य लोगों को भी ठगी का शिकार बनाया होगा। इस संबंध में कोरबा एसपी से शिकायत की गई है।
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