झाबुआ में आर्थिक मदद के लिए भटक रहा परिवार:विसर्जन के दौरान हुई थी बेटे की मौत मौत, बुजुर्द माता-पिता इकलौता सहारा था

झाबुआ में आर्थिक मदद के लिए भटक रहा परिवार:विसर्जन के दौरान हुई थी बेटे की मौत मौत, बुजुर्द माता-पिता इकलौता सहारा था




झाबुआ के करवड़ में बीते 6 सितंबर को गणेश विसर्जन के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। विशाल नामक युवक नदी में बने एक अवैध कुएं में गिर गया था, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटना को छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन पीड़ित परिवार को अब तक कोई सहायता नहीं मिली है। विशाल अपने बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता अशोक शर्मा बस स्टैंड पर चाय की छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार अभी भी शासन-प्रशासन द्वारा की गई मदद की घोषणाओं के पूरा होने का इंतजार कर रहा है। यह घटना उस नदी में हुई जहां श्रद्धालु गणेश विसर्जन के लिए जाते हैं। यहां शासकीय जमीन पर निजी उपयोग के लिए एक गहरा कुआं बना हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस कुएं की मौजूदगी और सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण ही विशाल की जान गई। हादसे के समय मौके पर सुरक्षा के कोई पुख्ता प्रबंध नहीं थे। पटवारी यशवंत चौहान ने स्वीकार किया है कि कुआं शासकीय भूमि पर है। उन्होंने बताया कि आर्थिक सहायता की फाइल आगे बढ़ा दी गई है और पंचायत को कुएं की फेंसिंग के लिए कहा गया था। हालांकि, सरपंच विकास गामड़ ने इस पर तर्क दिया कि निजी उपयोग के कुएं पर पंचायत फेंसिंग कैसे करा सकती है और नोटिस देना प्रशासन का काम है। हादसे के तुरंत बाद कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। लेकिन, छह महीने बाद भी न तो उस कुएं को बंद करने या आगे कोई हादसा ने हो उसकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही परिवार को आर्थिक सहायता मिल पाई है।



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