गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पेश:लिव-इन रिलेशनशिपः बच्चे को कानूनी माना जाएगा, 1 वर्ष बाद ही तलाक हो सकेगा
गुजरात विधानसभा में समान नागरिक संहिता बिल पेश किया गया है। अब सरकार इसकी अधिसूचना जारी करेगी और उसमें निर्धारित तिथि से यह कानून लागू होगा। गुजरात समान नागरिक संहिता-2026 में मुख्य रूप से विवाह, तलाक, विरासत संपत्ति, लिव-इन रिलेशनशिप के बारे में प्रावधान हैं। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धर्म से परे हटकर विवाह, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए एक समान कानूनी ढांचा तैयार करना है। इस प्रस्तावित कानून में विवाह के 1 वर्ष के भीतर तलाक नहीं लिया जा सकेगा। असामान्य परिस्थितियों में छूट मिल सकती है। इस प्रस्तावित कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण और उसे औपचारिक रूप से समाप्त करने के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी द्वारा हस्ताक्षरित यह विधेयक तब सार्वजनिक किया गया, जब एक दिन पहले ही राज्य द्वारा नियुक्त समिति ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी थी। राज्य के नागरिक या अन्य राज्य में रहने वाले गुजरात के निवासी ऐसे जोड़ों को एक महीने के भीतर लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यदि कोई पार्टनर 21 वर्ष से कम आयु का होगा तो उसके माता-पिता या अभिभावक को सूचित किया जाएगा। दो महीने के भीतर नए विवाह का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा, अन्यथा ~10-25 हजार का जुर्माना हो सकता है।
1 माह में लिव-इन का रजिस्ट्रेशन जरूरी
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