पानीपत में SDM ने एनीमिया अभियान की समीक्षा की:डॉक्टरों को दिए अहम निर्देश; बोले-कोई बच्चा एनीमिया से ग्रस्त नहीं होना चाहिए
केंद्र सरकार के एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत पानीपत के इसराना उपमंडल में एक मीटिंग को आयोजन हुआ। उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) नवदीप सिंह नैन ने नौल्था और अहर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के डॉक्टरों के साथ यह मीटिंग की। SDM नैन ने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा एनीमिया से ग्रस्त न हो। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के साथ-साथ वयस्कों में भी एनीमिया की कमी देखी जा रही है, जिसका मुख्य कारण खून की कमी है। छोटे बच्चों को ड्रॉप्स और बड़े को टैबलेट दी जाएंगी SDM ने जानकारी दी कि सरकार ने महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी), पंचायत, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों के सहयोग से बच्चों को मुफ्त दवाएं उपलब्ध कराने का अभियान शुरू किया है। इसके तहत छोटे बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों में ड्रॉप्स के माध्यम से दवा दी जाएगी, जबकि बड़े बच्चों को टैबलेट प्रदान की जाएंगी। बच्चों को फास्ट फूड से दूर रखने की अपील उन्होंने एनीमिया के मुख्य लक्षणों पर प्रकाश डाला, जिनमें थकान और चक्कर आना शामिल हैं। SDM ने फास्ट फूड को एनीमिया की कमी का एक प्रमुख कारण बताया, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां इसका सेवन अधिक होता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को फास्ट फूड से दूर रखने और आयरन युक्त आहार लेने की अपील की। ये अधिकारी-कर्मचारी रहे मौजूद इस अवसर पर एएसएमओ डॉ. गुलशन, डॉ. प्यारेलाल, डॉ. तेजपाल, आशा वर्कर सुषमा, स्टाफ नर्स सुनीता, सुपरवाइजर मंजू, उर्वशी और शिक्षा विभाग से अनिल कुमार सहित कई अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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