खादी वस्त्र ही नहीं, विचारधारा भी है: मनोज कुमार
भास्कर न्यूज | कांकेर खादी केवल पहनने का वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की मजबूत विचारधारा है। यह बात खादी व ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने गोविंदपुर के खेल मैदान में आयोजित टूलकिट वितरण कार्यक्रम में कही। गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत प्रदेशभर से आए 580 हितग्राहियों को विभिन्न व्यवसायों से जुड़ी मशीनें और टूलकिट वितरित किए गए। इनमें कुम्हारी, दोना.पत्तल निर्माण, फुटवियर, मधुमक्खी पालन, इमली प्रसंस्करण और प्लंबिंग जैसे कार्य शामिल हैं। मनोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य हर हाथ को हुनर देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी साकार होगा, जब गांव-गांव में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और हर व्यक्ति आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने हितग्राहियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण लेकर आधुनिक टूलकिट का सही उपयोग करें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं। इसके साथ ही स्वदेशी उत्पादों को अपनाने पर जोर देते हुए बताया कि कई योजनाओं में 90 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है, जिसका लाभ उठाकर ग्रामीण अपनी आय बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती की शुरुआत गांवों से होती है। केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। अंत में अतिथियों द्वारा स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को प्रतीकात्मक रूप से टूलकिट वितरित किए गए। इस दौरान विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित रहे।
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