श्याम रंग में डूबा किशनगढ़बास:52वां दो दिवसीय वार्षिकोत्सव शुरू, शहर के रास्तों पर हो रहा भंडारा
आस्था, भक्ति और उल्लास के श्याम रंग में रंगा किशनगढ़बास इन दिनों पूरी तरह खाटूनगरी जैसा बन गया है। कस्बे के समीपवर्ती बासकृपालनगर स्थित श्री श्याम प्रभू खाटू वाले के 52वें दो दिवसीय भव्य वार्षिक उत्सव की शुरुआत होते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मेले के प्रथम दिन ध्वजा पदयात्रा, भजनों की गूंज और जगह-जगह भंडारों के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। श्याम बाबा विकास समिति बासकृपालनगर के जयप्रकाश गुर्जर ने बताया-दो दिवसीय वार्षिकोत्सव के तहत रविवार को झंडारोहण के साथ कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु ध्वज लेकर पदयात्रा में शामिल हुए और जयकारे लगाते हुए श्याम बाबा के मंदिर पहुंचे। पदयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए जगह-जगह भंडारों की व्यवस्था की गई, जहां भक्तों को छोले, हलवा, मीठा पानी व अन्य पेय पदार्थ वितरित किए गए। श्याम बाबा के भजनों की मधुर धुनों ने पूरे कस्बे को भक्तिमय वातावरण से भर दिया। आकर्षक झांकियों का होगा आयोजन वार्षिकोत्सव के प्रथम दिन शाम को भव्य रथ यात्रा और आकर्षक झांकियों का आयोजन किया जाएगा। यह शोभायात्रा बासकृपालनगर स्थित श्याम मंदिर से प्रारंभ होकर किशनगढ़बास कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर परिसर में पहुंचेगी। शोभायात्रा के स्वागत में श्रद्धालुओं ने विभिन्न स्थानों पर स्टॉल लगाए हैं। शाम को श्याम बाबा की झांकियों पर पुष्प वर्षा और गुब्बारों की विशेष सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। मेले में होगा भव्य जागरण रात को भव्य जागरण का आयोजन होगा, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक कलाकार श्याम बाबा की महिमा का गुणगान करेंगे। मेले की पूर्व संध्या पर भी श्याम भक्तों ने डीजे पर बजते श्याम भजनों की धुनों पर जमकर नृत्य किया और पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग दिया। पदयात्रा के दौरान श्रद्धालु ध्वज लेकर बाबा के जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचे, जहां कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। बासकृपालनगर में आयोजित होने वाला श्याम बाबा का यह दो दिवसीय लक्खी मेला हर वर्ष अप्रैल माह में आस्था का प्रमुख केंद्र बनता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां श्याम बाबा साक्षात विराजमान हैं और खाटूधाम की तरह ही यह स्थान भी विशेष महत्व रखता है। कई राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु मेले में दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और बाबा के दरबार में धोक लगाकर मनोकामनाएं मांगते हैं। पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मंदिर परिसर और शोभायात्रा मार्ग पर पुलिस की विशेष तैनाती की गई है। आयोजन समिति के अनुसार दूसरे दिन प्रभात फेरी, कीर्तन, प्रसाद वितरण और भजन संध्या के साथ वार्षिकोत्सव का समापन होगा। पूरे क्षेत्र में उत्साह और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा।
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