लेपर्ड को भगाने रात में गश्त कर रहे ग्रामीण:बोले- लेपर्ड के मूवमेंट से दहशत, 15 ग्रामीण टीम बनाकर ट्रेक्टर-ट्रॉली में करते है गश्त, ताकि आबाद क्षेत्र में न आए लेपर्ड
पाली जिले में लेपर्ड ने एक गांव के पास गधे का शिकार कर लिया। गांव के पास लेपर्ड की मूवमेंट से ग्रामीण दहतश में है। वन विभाग की टीम आई और ग्रामीणों सावधान रहने की हिदायत देकर चली गई। लेपर्ड फिर से गांव में आकर मवेशियों का शिकार न कर ले या किसी ग्रामीण पर हमला न कर ले। इस दहशत में ग्रामीण टोली बनाकर रात में गश्त कर रहे है। मामला पाली जिले के तखतगढ़ के निकट हिंगोला-पावा गांव क्षेत्र का है। यहा शुक्रवार देर शाम को लेपर्ड ने घीसाराम मीणा के खेत पर रह रहे पशुपालक रूपाराम देवासी के पालतू गधे का शिकार कर लिया। सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची। लेपर्ड की तलाश की लेकिन मिला नहीं। पदचिन्ह देखे और ग्रामीणों को सजग रहने की हिदायत देकर चले गए। लेकिन लेपर्ड के मूवमेंट ने गांव वालों की नींद उठा दी। 15 लोगों की टीम कर रही रात में गश्त
हिंगोला गांव के रहने वाले दलपतसिंह राठौड़ ने बताया कि गांव के करीब 15 लोगों की टीम ने रात को गश्त की पटाखे छोड़े ताकि उसकी आवाज से लेपर्ड अगर खेत में छुपा हो तो भाग जाए। क्योंकि शिकार करने के बाद वह शनिवार रात को फिर आया और मरे हुए गधे को खाकर गया। क्षेत्र में मीणा जाति के लोग ज्यादा रहते है। सिरोही जिले में उनका प्रसिद्ध मेला है लेकिन लेपर्ड के डर से वह घर छोड़कर नहीं जा रहे। उन्हें डर है कि कहीं लेपर्ड उनके मवेशियों का पीछे शिकार न कर ले।
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