149 दिन बाद आज होंगे भगवान बद्रीविशाल के दर्शन:तीन चाबियों से खुलेंगे कपाट; घी में लिपटा कंबल बताएगा कैसा रहेगा पूरा साल

149 दिन बाद आज होंगे भगवान बद्रीविशाल के दर्शन:तीन चाबियों से खुलेंगे कपाट; घी में लिपटा कंबल बताएगा कैसा रहेगा पूरा साल




चारधाम यात्रा के पांचवें दिन आज चमोली स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट विधिवत रूप से खोले जाएंगे। सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर मंदिर के द्वार खुलते ही भगवान बद्रीविशाल के दर्शन शुरू हो जाएंगे। इस अवसर पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहेंगे। कपाट खुलने से पहले सभी धार्मिक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। निर्धारित समय पर मंदिर के द्वार तीन चाबियों से खोले जाएंगे। कपाट खुलते ही सबसे पहले रावल गर्भगृह में प्रवेश करेंगे, जहां बीते छह महीनों से जल रही अखंड ज्योति के दर्शन किए जाएंगे। इसके बाद भगवान बद्रीविशाल पर चढ़ा घृत कंबल हटाया जाएगा, जिसकी स्थिति से पूरे साल के फल का आकलन किया जाता है। 22 को धाम पहुंचीं सभी डोलियां कपाट खुलने से पहले 21 अप्रैल को नरसिंह मंदिर से आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी, भगवान गरुड़ की डोली और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा विधि-विधान के साथ रवाना हुई। सुबह पंचांग पूजन और सेना के बैंड की धुनों के बीच यात्रा को विदाई दी गई। यह यात्रा पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बद्री मंदिर पहुंची, जहां रात्रि विश्राम के बाद 22 अप्रैल को भगवान कुबेर, उद्धव, शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा सहित सभी डोलियां बदरीनाथ धाम पहुंच गईं। डोलियों के धाम पहुंचने के बाद गर्भगृह की तैयारियां, विशेष पूजा और कपाट खोलने की अंतिम प्रक्रिया शुरू होती है। रावल करते हैं पहला प्रवेश बद्रीनाथ धाम के कपाट खोलने की परंपरा काफी विशेष है। मंदिर के द्वार तीन अलग-अलग चाबियों से खोले जाते हैं। ये चाबियां टिहरी राजपरिवार से जुड़े राजपुरोहित, हकहकूकधारी मेहता और भंडारी समुदाय के पास सुरक्षित रहती हैं। निर्धारित मुहूर्त में तीनों चाबियां एक साथ लगाई जाती हैं। कपाट खुलते ही सबसे पहले रावल मंदिर में प्रवेश करते हैं और गर्भगृह में पूजा की प्रक्रिया शुरू करते हैं। 6 महीने से लगातार जल रही ज्योति कपाट खुलते ही सबसे पहले अखंड ज्योति के दर्शन होते हैं। यह ज्योति शीतकाल में कपाट बंद होने के बाद भी गर्भगृह में निरंतर जलती रहती है और इसे भगवान की सतत उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है। अखंड ज्योति के दर्शन के बाद ही आगे की पूजा प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे कपाट खुलने का आध्यात्मिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। धाम से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

India Fontline News

Subscribe Our NewsLetter!