सूरत की SBI बैंक में डकैती करने वाले 2 अरेस्ट:13 मिनट में लूट लिए थे 52 लाख रुपए, 7 दिनों बाद पकड़ाए; पांच की तलाश जारी
सूरत के SBI बैंक में दिनदहाड़े हुई 52 लाख रुपए की नकद लूट के मामले में क्राइम ब्रांच ने यूपी के गोंडा से दो आरोपियों को अरेस्ट किया है। वहीं, अन्य 5 आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान शुभम कुमार और विकास सिंह के रूप में हुई है। दोनों ने अपने 5 अन्य साथियों के साथ मिलकर 27 अप्रैल को वराछा इलाके की स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा में डकैती डाली थी। अरेस्ट किए गए एक आरोपी विकास सिंह की रविवार को ही सगाई हुई थी। सगाई के कुछ ही घंटे बाद सूरत क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे घर से गिरफ्तार किया। गुजरात पुलिस ने सोमवार को आरोपियों को गोंडा कोर्ट में पेश किया, यहां से उन्हें 3 दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली। पुलिस अब इन्हें सूरत ला रही है।
इस तरह आरोपियों तक पहुंची क्राइम ब्रांच
बैंक में डकैती के एक दिन पुलिस को एक खेत से वारदात में उपयोग की गई बाइक जब्त की थी। इसके बाद सीसीटीवी की मदद से जांच टीम को यह भी पता चला था कि वारदात में शामिल सातों आरोपी करीब एक महीने तक उधना के औद्योगिक क्षेत्र में एक छोटे से कमरे में किराए से रहे थे। किराए का कमरा लेने के लिए आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड मकान मालिक को दिया था। इसके बाद पुलिस ने एक आरोपी की मोबाइल लोकेशन निकाली। सूरत क्राइम ब्रांच की टीम सबसे पहले मोबाइल नंबर को ट्रेस करके रायबरेली पहुंची। वहां पर आरोपी विकास सिंह के जूता-चप्पल की दुकान पर पहुंचकर खरीदारी भी की। फिर उसका पीछा करते हुए गोंडा पहुंचे। टीम ने रविवार को विकास सिंह को गोंडा से तो उसके दोस्त शुभम कुमार को अयोध्या से गिरफ्तार किया। आरोपी विकास सिंह ने अपने मोबाइल फोन में कोई सॉफ्टवेयर रखा हुआ था। जो हमेशा वर्तमान लोकेशन ना दिखा कर बाहर की लोकेशन दिखाता था। साथ ही वह नॉर्मल कॉल पर बात न करके हमेशा ऑनलाइन कॉल पर ही लोगों से बात करता था। मुख्य आरोपियों में से एक शुभम जब लूट के बाद रायबरेली पहुंचा, तो विकास ने ही उसे अयोध्या में एक महंत के घर में छिपाने का इंतजाम किया था।
नकली आधार कार्ड पर लिया था कमरा
पुलिस जांच में पता चला कि लुटेरे डकैती से करीब एक महीने पहले सूरत पहुंचे थे। उन्होंने रांदेर क्षेत्र में बॉटनिकल गार्डन के पास उगाट गांव के भरवाड़ वास में कमरा किराए पर लिया था। इसके लिए नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल किया गया। मकान मालिक को आधार कार्ड दिखाकर एडवांस किराया दिया गया। लेकिन लूट से 10 दिन पहले, यानी 17 अप्रैल को ही आरोपी कमरा खाली कर चुके थे। बाद में जांच में सामने आया कि दिया गया आधार कार्ड पूरी तरह फर्जी था। जांच के दौरान तीन संदिग्ध मोबाइल नंबर भी मिले। इनकी लोकेशन लुटेरों की गतिविधियों से मेल खाती है।
फर्जी ID से खरीदी बाइक, CCTV और ANPR से मिले सुराग
पुलिस जांच में पता चला कि लुटेरों ने तेलंगाना से एक चोरी की बाइक फर्जी ID के जरिए खरीदी थी। यह ID ‘धीरज कुमार’ के नाम से बनाई गई थी, जिसका इस्तेमाल वारदात की साजिश में किया गया। 16 अप्रैल को आरोपी एयरपोर्ट रोड पर लगे ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे में कैद हुए थे। इसके बाद डकैती के समय वे CCTV फुटेज में भी नजर आए। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और जांच को आगे बढ़ाया। सभी लुटेरों को पकड़ने के लिए 120 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई है। —————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में ISIS की विचारधारा फैलाने वाला शख्स गिरफ्तार:चार सालों से इस्लामी युद्ध, खिलाफत और जिहाद से जुड़ी पोस्ट शेयर कर रहा था गुजरात के कच्छ जिले में सोशल मीडिया के जरिए राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल एक शख्स को अरेस्ट किया गया है। आरोपी कच्छ जिले के लोदाई गांव का रहने वाला है। आरोप है कि वह सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन ISIS की विचारधारा से जुड़े कंटेंट का प्रचार-प्रसार करता था। पूरी खबर पढ़ें…
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