जालंधर में AAP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन:बीजेपी ऑफिस का घेराव किया, बोले- CM मान का फर्जी AI वीडियो बनाया, कार्रवाई की चेतावनी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कथित फर्जी वीडियो को लेकर राज्य की सियासत गरमा गई है। आम आदमी पार्टी ने इसे भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल की सोची-समझी साजिश करार दिया है। इस मुद्दे को लेकर AAP कार्यकर्ताओं ने आज जालंधर में बीजेपी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शीतला माता मंदिर के पास स्थित बीजेपी व अकाली दल के कार्यालयों का घेराव किया। इसके साथ ही हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर कार्यकर्ताओं ने ‘पंजाब विरोधी भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाए। पार्टी ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक का इस्तेमाल कर यह फर्जी वीडियो तैयार किया गया है। AAP ने चेतावनी दी है कि वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष के पास जनता के बीच जाने का मुद्दा नहीं प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब से पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनी है, तब से विपक्षी दल बौखलाए हुए हैं। उनके अनुसार विपक्ष के पास जनता के बीच जाने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे मुख्यमंत्री के खिलाफ इस तरह की साजिश रच रहे हैं। राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश AAP कार्यकर्ताओं ने कहा कि आज पंजाब का बच्चा-बच्चा यह जान चुका है कि इस वीडियो के पीछे कोई सच्चाई नहीं है। उनका आरोप है कि विपक्ष द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग केवल राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश है। कार्यकर्ताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि विरोधी दलों के पास अब कोई जनाधार नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में भाजपा के पास केवल दो विधायक हैं और शिरोमणि अकाली दल की स्थिति भी कमजोर है, इसलिए वे सिर्फ बदनाम करने की राजनीति कर रहे हैं। बीजेपी और अकाली दल के दफ्तरों का घेराव प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध केवल भाजपा दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी इलाकों में शिरोमणि अकाली दल के कार्यालयों का भी घेराव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने भले ही इस संबंध में कोई सीधा निर्देश न दिया हो, लेकिन एक सच्चे कार्यकर्ता के रूप में यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे मुख्यमंत्री के खिलाफ फैलाए जा रहे कथित झूठे प्रचार का डटकर मुकाबला करें। AAP नेताओं ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर जांच में यह वीडियो पूरी तरह AI जनित या फेक साबित होता है जिसकी उन्हें पूरी उम्मीद है तो इस वीडियो को बनाने, इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने और वायरल करने वाले हर एक व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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