IIIT ऊना में AI और 6G पर वर्कशॉप शुरू:5 दिन तक मिलेगा हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, विशेषज्ञ बताएंगे भविष्य की संचार तकनीकें
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना में AI-सक्षम सुरक्षित, बुद्धिमान एवं विश्वसनीय 6G नेटवर्क के लिए अभिसारी संचार प्रणालियों विषय पर पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। ANRF (Anusandhan National Research Foundation) द्वारा प्रायोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और सुरक्षित 6G संचार प्रणालियों के एकीकरण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों का उन्नत ज्ञान और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करना है। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों के व्याख्यानों के साथ-साथ MATLAB और Simulink आधारित हैंड्स-ऑन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। प्रतिभागियों को AI-सक्षम संचार प्रणालियां, सुरक्षित एवं विश्वसनीय नेटवर्क, वायरलेस और ऑप्टिकल अभिसारी संचार प्रणालियां, कॉग्निटिव रेडियो, इंटेलिजेंट सेंसिंग तथा 6G तकनीक के नवीनतम विकास से संबंधित जानकारी दी जा रही है। इस कार्यशाला की समन्वयक डॉ. गुरप्रीत कौर हैं। NITTTR चंडीगढ़ के निदेशक थे मुख्य अतिथि उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में NITTTR चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. भोला राम गुर्जर उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भविष्य की संचार प्रणालियों के विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और 6G तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने सुरक्षित और टिकाऊ डिजिटल अवसंरचना के निर्माण के लिए अनुसंधान, नवाचार और बहु-विषयक सहयोग को आवश्यक बताया। IIIT ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने प्रतिभागियों को कार्यशाला के विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक सत्रों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, स्कूल ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स के अध्यक्ष डॉ. नमन गर्ग ने प्रतिभागियों को सक्रिय भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया। संस्थान का मानना है कि इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों और शोधार्थियों को उभरती तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करने के साथ-साथ भारत के तेजी से विकसित हो रहे संचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी क्षेत्र में योगदान देने के लिए सक्षम बनाएगी।
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