देश में तीन में से एक व्यक्ति है लिवर से जुड़ी बीमारियों का शिकार, नड्डा बोले- जगरूकता है जरूरी

देश में तीन में से एक व्यक्ति है लिवर से जुड़ी बीमारियों का शिकार, नड्डा बोले- जगरूकता है जरूरी


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने आईएलबीएस (ILBS) के दसवें दीक्षांत समारोह में संस्थान की कामयाबियों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का नाम रोशन कर रहा है. उन्होंने बताया कि ILBS केवल लिवर रोगों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी की रोकथाम और जनजागरण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. नड्डा ने कहा कि आजकल घर-घर फैटी लिवर की चर्चा हो रही है और इस बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने में ILBS ने बड़ा रोल निभाया है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी शिक्षा और ज्ञान को समाज तक पहुंचाएं और स्वस्थ भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं. अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने देश के स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया और बताया कि 20वीं सदी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में 6 नए एम्स स्थापित किए गए. उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एम्स की संख्या बढ़कर 23 हो चुकी है और मोदी सरकार के आने के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है.

देश में 186000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने यह भी बताया कि देशभर में 1,86,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं, जहां प्राथमिक स्तर पर बीमारियों की जांच होती है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए समय पर जांच और बीमारी की शीघ्र पहचान अत्यंत आवश्यक है. इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री ने मेडिकल छात्रों को उनकी उपाधियां भी प्रदान कीं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.

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हर तीन में एक व्यक्ति फैटी लिवर का शिकार 

कार्यक्रम में ILBS के वाइस चांसलर डॉ. एस.के. सरीन ने बताया कि ILBS दुनिया की एकमात्र लिवर यूनिवर्सिटी है और साल 2025 में यहां 1,60,000 मरीजों को देखा गया, जो कि कई यूरोपीय देशों में देखे जाने वाले मरीजों की संख्या से भी अधिक है. डॉ. सरीन ने कहा कि अब तक संस्थान में 1,392 लिवर ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किए गए हैं और 69 ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के मरीजों का भी ट्रांसप्लांट हुआ है. डॉ. सरीन ने यह भी कहा कि देश में हर तीन में से एक व्यक्ति फैटी लिवर से ग्रस्त है और इसलिए आयुष्मान भारत योजना में किडनी की तरह लिवर ट्रांसप्लांट की भी मांग की जानी चाहिए. उन्होंने गुणवत्ता चिकित्सा सेवाओं, अनुसंधान और प्रशिक्षण को आगे बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि ILBS का यह दसवाँ दीक्षांत समारोह उनके समर्पण और प्रयासों का प्रतीक है.

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