टॉप आईआईटी में लोअर ब्रांच की बढ़ती कटऑफ:ब्रांच चेंज ना होने से स्टूडेंट्स ने नहीं दी प्राथमिकता, तीसरे राउण्ड का सीट आवंटन जारी, रिपोर्टिंग 8 जुलाई तक
देश के आईआईटी-एनआईटी सहित 134 संस्थानों की 67,323 सीटों के लिए ज्वाइंट काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है। स्टूडेंट्स तीसरे राउण्ड के सीट आवंटन के बाद ऑनलाइन रिपोर्टिंग 8 जुलाई शाम 5 बजे तक कर सकते हैं। स्टूडेंट्स जिनकी ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान अपलोड किए गए डॉक्यूमेंट्स में कमी पाई जाएगी, उन्हें 9 जुलाई शाम 5 बजे तक आई क्वेरी का रेस्पॉन्स देना होगा अन्यथा उनकी सीट निरस्त कर दी जाएगी। एजुकेशन एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि अब तक हुए तीन राउण्ड के जारी किए गए आकड़ों के अनुसार इस वर्ष टॉप आईआईटीज में शामिल मुंबई, मद्रास, खरगपुर, हैदराबाद में ब्रांच चेंज का ऑप्शन नहीं होने के कारण उनकी लोअर ब्रांचो को स्टूडेंट्स ने प्राथमिकता नहीं दी है। इसी कारण इन टॉप आईआईटी की लोअर ब्रांचो की कटऑफ बढ़ गई है और पीछे की रैंक वाले स्टूडेंट्स को भी इन आईआईटी में ब्रांच मिल गई है जबकि गत वर्षों तक इन आईआईटीज की सभी ब्रांचेज ऊपर की रैंक पर क्लोज होती थी। आकड़ों पर नजर डाले तो आईआईटी बॉम्बे की बीएस केमिस्ट्री ब्रांच की क्लोजिंग एआईआर 7360, आईआईटी मद्रास की बायोलॉजिकल साइंस 11666, आईआईटी खरगपुर की एप्लाइड जियोलोजी ब्रांच की क्लोजिंग 13667 , आईआईटी हैदराबाद की इंडस्ट्रियल केमिस्ट्री ब्रांच की क्लोजिंग एआईआर 8541 पर रही। ये सभी क्लोजिंग रैंक ओपन केटेगरी में जेंडर न्यूट्रल पूल से है।
यह है महत्वपूर्ण कारण
आहूजा ने बताया कि इन टॉप आईआईटी की लोअर ब्रांच की कटऑफ रैंक बढ़ने का प्रमुख कारण इन आईआईटी में ब्रांच चेंज का ऑप्शन बंद करना है। पहले स्टूडेंट्स के पास अपनी प्रथम वर्ष की परफॉर्मेंस के आधार पर ब्रांच चेंज करने का ऑप्शन उपलब्ध रहता था , जिससे कई विद्यार्थी दूसरे वर्ष में कोर ब्रांच तथा अच्छी ब्रांच में अपवर्ड हो जाते थे। इस कारण स्टूडेंट्स टॉप आईआईटी की लोअर ब्रांच को वर्ष 2012 एवं वर्ष 2017 में खुली आईआईटी की कोर ब्रांच से ज्यादा प्राथमिकता देते थे ऐसे में टॉप आईआईटी की लोअर ब्रांच की कटऑफ कम जाती थी परन्तु अब यह ब्रांच चेंज का ऑप्शन बंद होने से कई टॉप आईआईटी मुंबई ,मद्रास, खरगपुर, हैदराबाद की लोअर ब्रांच की कटऑफ बद गई है। जिससे अब पीछे की रैंक वाले स्टूडेंट्स का इन ब्रांचो में एडमिशन मिल रहा है। स्टूडेंट्स अब इन आईआईटी की जगह दूसरे आईआईटी जहा ब्रांच चेंज का ऑप्शन भी है उन्हें प्राथमिकता देते दिखाई दे रहे है।
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