8 लाख और पल्सर बाइक का झांसा देकर ठगी:राजगढ़ में युवक से डेढ़ लाख की ठगी, झांसी से आरोपी गिरफ्तार
राजगढ़ की कालीपीठ पुलिस ने साइबर ठगी के मामले का खुलासा गुरुवार को किया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के झांसी से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सरकारी बीपीएल योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से ऑनलाइन ठगी करता था। पुलिस ने उसके पास से 1.50 लाख रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। मामले में पूरे साइबर नेटवर्क की जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, ग्राम लहरचा निवासी मुकेश इमरत गिर ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि जब वह ड्राइवरी के काम से राजस्थान के टोंक गए थे, तब उनकी पत्नी मौसमबाई के मोबाइल पर अज्ञात लोगों का फोन आया। कॉल करने वालों ने खुद को सरकारी योजना से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि बीपीएल सूची में नाम आने पर 8 लाख रुपये नकद और एक पल्सर मोटरसाइकिल मिलेगी। अलग-अलग फोनपे नंबरों पर पैसे मंगाए
आरोपियों ने योजना का लाभ दिलाने के नाम पर अलग-अलग मोबाइल नंबरों और फोनपे के जरिए किस्तों में पैसे जमा कराए। ऑनलाइन भुगतान की सीमा खत्म होने पर कंप्यूटर सेंटर के माध्यम से भी रकम ट्रांसफर कराई गई। इस तरह आरोपियों ने कुल 1,50,017 रुपये की साइबर ठगी की। शिकायत के आधार पर कालीपीठ थाने में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे और एसडीओपी अरविंद सिंह राठौर के निर्देशन में टीम गठित की गई। टीम ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में मिली। दो सिम और डेढ़ लाख कैश बरामद
स्थानीय पुलिस की मदद से कालीपीठ पुलिस ने राघवेंद्र पिता रामस्वरूप कुशवाहा (26) निवासी ग्राम खजराहा, थाना उल्दन, जिला झांसी को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर राजगढ़ लाया। पूछताछ में उसके पास से 1.50 लाख रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, आरोपी फर्जी सिम और बैंक खातों का इस्तेमाल कर सरकारी योजनाओं का लालच देकर साइबर ठगी करता था। अब उससे पूछताछ कर पूरे गिरोह, फर्जी बैंक खातों और सिम उपलब्ध कराने वाले अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी योजना, बीपीएल लाभ, लॉटरी या इनाम के नाम पर आने वाले फोन कॉल और संदेशों पर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, बैंक खाते या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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