SBI कियोस्क संचालक लापता, लाखों के गबन की आशंका:ग्राहकों के खातों से निकली रकम नहीं मिली, जांच में 40 लाख तक अनियमितता शक

SBI कियोस्क संचालक लापता, लाखों के गबन की आशंका:ग्राहकों के खातों से निकली रकम नहीं मिली, जांच में 40 लाख तक अनियमितता शक




रायसेन शहर में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) में लाखों रुपए के कथित गबन का मामला गुरुवार को सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत सोमवार रात से लापता है। इसके बाद बड़ी संख्या में खाताधारक एसबीआई शाखा पहुंचकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। आरोप है कि संचालक ने ग्राहकों के खातों से राशि निकाल ली, लेकिन उन्हें नकद भुगतान नहीं किया। शुरुआती जांच में 35 से 40 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। शाखा प्रबंधन और पुलिस ने शुरू की जांच
मामला सामने आने के बाद सांची रोड स्थित एसबीआई शाखा प्रबंधन ने खातों के लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। पुलिस भी पूरे मामले की जांच में जुट गई है। बैंक पहुंच रहे खाताधारक अपने पास मौजूद रसीदें और दस्तावेज जमा कर रहे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद एसबीआई की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि लंबे समय से इतनी बड़ी वित्तीय अनियमितता चल रही थी तो बैंक के फील्ड ऑफिसर और ऑडिटर ने समय पर कियोस्क के खातों का मिलान क्यों नहीं किया। नियमित निरीक्षण होने पर मामला पहले ही सामने आ सकता था। संचालक के माता-पिता ने दर्ज कराई गुमशुदगी
कियोस्क संचालक गोपाल सिंह राजपूत के घर पर भी लोग अपने पैसे वापस लेने की मांग लेकर पहुंच रहे हैं। इस बीच उनके माता-पिता ने थाने में बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई है। परिवार का कहना है कि उनके बेटे और परिवार के बैंक खातों की भी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यदि कोई राशि निकाली गई है तो वह कहां और किस खाते में गई। सूत्रों के अनुसार, शहर के कुछ व्यापारियों और अन्य लोगों ने भी कियोस्क संचालक के माध्यम से बड़ी रकम का लेनदेन किया था। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई व्यक्ति खुलकर सामने नहीं आया है। बैंक मैनेजर बोले- जांच की जा रही
एसबीआई शाखा प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि शिकायतों के आधार पर सभी खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। जांच पूरी होने के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।



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