High Court Administration Vacates Marriage Center in Kaisarbagh Lucknow
लखनऊ7 मिनट पहले
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लखनऊ के कैसरबाग स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर में एक अधिवक्ता को आवंटित चैंबर में संचालित विवाह केंद्र को हाईकोर्ट प्रशासन ने खाली करा लिया है। इस कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने मामले में दर्ज स्वत: संज्ञान जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।
यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने पारित किया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पेश अधिवक्ता ने न्यायालय को सूचित किया कि चैंबर नंबर 31, जहां विवाह केंद्र चल रहा था, उसे खाली करा लिया गया है।
दरअसल, यह मामला एक आपराधिक रिट याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायालय के संज्ञान में आया था। न्यायालय ने पाया था कि अधिवक्ताओं के लिए आवंटित चैंबर का उपयोग विवाह केंद्र के रूप में किया जा रहा था।
पुलिस रिपोर्ट के अवलोकन से पता चला कि चैंबर को विवाह समारोह के लिए सजाया गया था। वहां तोरण द्वार बनाया गया था और फूलों से सजावट की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने इसे स्वत: संज्ञान जनहित याचिका के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया था। अब हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा चैंबर खाली कराए जाने की जानकारी दिए जाने के बाद न्यायालय ने स्वत: संज्ञान याचिका का निस्तारण कर दिया है।

