एम्स पार्किंग समस्या पर हाईकोर्ट सख्त:काजरी-आफरी की जमीन पर एयरपोर्ट की तरह वर्टिकल पार्किंग का सुझाव
राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर स्थित एम्स के आसपास पार्किंग समस्या के समाधान के लिए सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने एयरपोर्ट की तर्ज पर वर्टिकल पार्किंग विकसित करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं। यह निर्देश एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने चंद्रशेखर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान एएसजी भारत व्यास ने कोर्ट को बताया कि एम्स के लिए पर्याप्त पार्किंग भूमि उपलब्ध कराने को लेकर संबंधित पक्षों की बैठक हुई थी, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। उन्होंने जानकारी दी कि अभी तक पार्किंग के लिए कोई जमीन चिन्हित नहीं की गई है। 2 सितंबर को होगी अगली सुनवाई इस पर कोर्ट ने टिप्पणी की कि एम्स के आसपास केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) और अरिड फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (आफरी) की काफी जमीन उपलब्ध है। कोर्ट ने इन संस्थानों से एम्स के पास जमीन उपलब्ध कराने की संभावनाएं तलाशने और दिल्ली एयरपोर्ट की तर्ज पर वर्टिकल पार्किंग विकसित करने पर विचार करने को कहा। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि यदि संस्थानों की जमीन एम्स को दी जाती है, तो उन्हें दूसरी ओर अतिरिक्त जमीन देकर क्षतिपूर्ति की जाए। हाईकोर्ट ने एएसजी भारत व्यास से इस दिशा में प्रयास करने का आग्रह किया। साथ ही, जोधपुर का मास्टर प्लान अगली सुनवाई में पेश करने के निर्देश दिए, ताकि एम्स के आसपास सड़क अतिक्रमण और औद्योगिक विकास की स्थिति का आकलन किया जा सके। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को निर्धारित की गई है।
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