उदयपुर में मेयर के लिए वोटिंग कल:बाड़ेबंदी में दी जा सकती है बैलेट पेपर से ट्रेनिंग; क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए राठौड़-सिंघवी ने संभाली कमान
उदयपुर नगर निगम के मेयर पद के लिए कल यानी सोमवार को वोटिंग होनी है। इस चुनाव में जीत पक्की करने और क्रॉस वोटिंग के खतरे को टालने के लिए भाजपा ने अपने पार्षदों की बाड़ेबंदी कर रखी है। रिसोर्ट में ठहरे पार्षदों को रविवार शाम को बैलेट पेपर से वोटिंग करने का पूरा तरीका समझाया जा सकता है। भाजपा जिलाध्यक्ष और मेयर प्रत्याशी का पूरा ध्यान पार्टी के 53 पार्षदों के अलावा 4 निर्दलीय पार्षदों को मिलाकर 57 से ज्यादा वोट हासिल करने पर लगा हुआ है। इसी बीच रविवार को सभी भाजपा पार्षदों को नाथद्वारा हाईवे पर बने एक रिसोर्ट से केसरिया जी दर्शन के लिए ले जाया गया। भाजपा से पारस सिंघवी और कांग्रेस से पूनम कंवर मैदान में इस बार भाजपा की तरफ से मेयर प्रत्याशी पारस सिंघवी हैं। वहीं, कांग्रेस की तरफ से पूनम कुंवर राठौड़ मैदान में उतरी हैं। पूनम कुंवर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष फतेहसिंह राठौड़ की पत्नी हैं। अगर सीटों के गणित को देखें तो इस बार भाजपा ने 53 और कांग्रेस ने 23 सीटें जीती हैं। इनके अलावा 3 निर्दलीय और 1 माकपा (CPI-M) का पार्षद चुनाव जीतकर आया है। भाजपा का पलड़ा भारी, फिर भी दोनों दल सक्रिय संख्याबल के लिहाज तो भाजपा के पारस सिंघवी का मेयर बनना लगभग तय माना जा रहा है।
इसके बावजूद भाजपा कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। पार्टी अपने पार्षदों के साथ-साथ निर्दलीयों से भी लगातार संपर्क बनाए हुए है। दूसरी तरफ, कांग्रेस भी माकपा और निर्दलीय पार्षदों से संपर्क करने का दावा कर रही है। राठौड़ और सिंघवी के लिए साख की लड़ाई चुनाव में किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग की संभावना को पूरी तरह खत्म करने के लिए गजपाल सिंह राठौड़ और पारस सिंघवी पूरी रणनीति से काम कर रहे हैं। राठौड़ और सिंघवी के लिए यह वोटिंग केवल एक सामान्य काम नहीं है। यह संगठन में अपना दम दिखाने और अपनी स्वीकार्यता साबित करने के लिहाज से भी काफी अहम है। डिप्टी मेयर के नाम पर सोमवार रात को हो सकती रायशुमारी मेयर प्रत्याशी की वोटिंग का काम पूरा होने के बाद सोमवार रात को ही डिप्टी मेयर के नामों पर चर्चा और रायशुमारी की जाएगी। इसके बाद मंगलवार को पार्टी के बड़े नेताओं के बीच आपसी सहमति बनाई जाएगी। इस दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संघ) की पसंद का भी पूरा ध्यान रखा जा सकता है। डिप्टी मेयर के लिए दिनेश भट्ट-कविता जोशी और पंकज बोराणा रेस में हैं। दिनेश भट्ट के लिए लॉबिंग तेज सूत्रों के अनुसार भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मुंदड़ा पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट के लिए लॉबिंग करवाने में पीछे नहीं हैं। हालांकि, मेयर बनवाने के लिए भी मुंदड़ा ने काफी कोशिशें की थीं। लेकिन उनके बहुत ज्यादा दखल देने की वजह से पार्टी में भट्ट का नाम काफी कमजोर साबित हुआ। शहर विधायक ताराचंद जैन भी भट्ट के नाम की पैरवी कर रहे हैं। आरएसएस की तरफ भट्ट के नाम पर सहमति नहीं जताई गई हैं। मुंदडा की बाडेबंदी में कुछ पदाधिकारियों से काफी बहस भी हो चुकी हैं। सुरक्षा में ढील, फोन देने पर हुआ विवाद रिसोर्ट में पार्टी की तरफ से ज्यादा कड़ाई नहीं की गई है। इस वजह से छोटे-छोटे नेताओं की बिना किसी रोकटोक के लगातार आवाजाही बनी हुई है। 3 दिन पहले बाड़ेबंदी के दौरान एक नेता द्वारा पार्षद को फोन देने पर विवाद भी हो गया था। एक युवा नेता ने पार्षद को फोन देकर उदयपुर के बड़े दिग्गज नेता से बात करवाने की कोशिश की थी। जैसे ही इसकी खबर भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ को लगी, उन्होंने उस युवा नेता को बुरी तरह फटकार लगाई। इसके साथ ही उन्होंने दोबारा रिसोर्ट में नहीं आने की सख्त चेतावनी भी दे डाली।
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